मास्क और हैंड सेनिटाइजर की उपलब्धता, कीमत और गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने के निर्देश

प्रतीकात्मक फोटो

राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं कि नोवल कोरोना वायरस से बचाव में उपयोग किए जाने वाले मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर की गुणवत्ता, उपलब्धता और कीमतों की नियमित समीक्षा करें। प्रमुख सचिव, खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री शिव शेखर शुक्ला ने कलेक्टरों को पत्र भेजकर बताया है कि भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों में तहत मास्क (2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क) और हैंड सेनिटाइजर को नवीन अनुसूची में सम्मिलित किया है।

सभी जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि जिले में कार्यरत मास्क और हैंड सेनिटाइजर निर्माताओं तथा व्यापारियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर उन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के संशोधित प्रावधान तथा चोर बाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 के प्रावधान से अवगत कराएं। साथ ही, उन्हें इन वस्तुओं की सामान्य उपलब्धता बनाये रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। जिले में मास्क और हैंड सेनिटाइजर की उपलब्धता एवं कीमतों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जाए। प्रमुख सचिव ने कहा है कि सूचना तंत्र विकसित करते हुए जमाखोरों के विरूद्ध छापे की कार्यवाही की जाए। स्टॉक की नियमित जांच की जाए। अनियमितता पाई जाने पर कठोर कार्यवाही भी की जाए, इस बारे में की गई कार्यवाई से संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण को नियमित रूप से अवगत कराया जाए।


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