मलेरिया और अर्थराइटिस में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना वायरस के इलाज में हो सकता है कारगर – ट्रम्प

कोरोना वायरस से दुनियाभर में लगातार हो रही मौत और हजारों नए केस आने के बाद जहां स्थिति भयावह बनी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की तरफ से मलेरिया के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली दवा को इसके इलाज में कारगर होने का दावा किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मलेरिया और अर्थराइटिस में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना वायरस के इलाज में बेहतर साबित हुई है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरूवार को कहा कि उनके प्रशासन की तरफ से गठित कोरोन वायरस टास्क फोर्स कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए एंटी मलेरिया ड्रग को मंजूरी दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस टास्क फोर्स की ब्रीफिंग के दौरान कहा- मलेरिया और अर्थराइटिस में लंबे समये से इस्तेमाल होने वाली दवा है। ड्रोक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) जो डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर कोरोना वायरस के मरीजों के लिए ‘फौरन उपलब्ध’ कराई जाएगी। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, अमेरिका ने कोरोना वायरस से अब तक 7,701 मरीज और 118 मौत की पुष्टि की है।

एफडीए के प्रमुख स्टीफन हेन ने कहा कि एजेंसी को राष्ट्रपति की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि क्या क्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को बढ़ाया जा सकता है, इस पर करीबी नजर रखे। उन्होंने चेताया कि क्लोरोक्वीन के प्रभाव की जानकारी जुटाने के लिए बड़े और तथ्यात्मक क्लीनकल ट्रायल की आवश्यकता है।

राष्ट्रपति ने इस बात की ओर इशारा किया है कि क्लोरोक्वीन/हैड्रोक्लोरोक्वीन का सबसे पहले न्यूयॉर्क में इस्तेमाल इसके खिलाफ किया जाएगा। कोरोना के इलाज के बारे में ट्रंप ने कहा- मैं ऐसा सोचता हूं कि यह बहुत कारगर होगा। यह गेम चेंजर हो सकता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश पर कोरोना वायरस महामारी के विनाशकारी आर्थिक प्रभावों का सामना करने में नागरिकों की मदद के लिए उन्हें सरकारी खजाने से सीधे धन हस्तांतरित करने की एक विशाल एवं अभूतपूर्व योजना की तैयारी कर रहे हैं।

प्रत्यक्ष धन हस्तांतरण की राशि 500 अरब डॉलर हो सकती है। इसे दो किस्तों में दिया जाएगा। यह राशि भारत के वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के छठे हिस्से के बराबर है। यदि इस राशि को सभी अमेरिकी नागरिकों में समान रूप से बांट दिया जाए तो 33 करोड़ लोगों को एक- एक लाख रुपये से अधिक मिलेंगे।

ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि अभी तक इस बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि उनके प्रशासन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव कांग्रेस को भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार अमेरिकियों को प्रत्यक्ष धन हस्तांतरण योजना 250-250 अरब डालर की दो किस्तों में होनी है – पहली, अप्रैल की शुरुआत में और दूसरी, मई के मध्य में।

गंभीर आर्थिक संकट के समय में अमेरिका में नागरिकों को इस तरह की मदद दी जाती रही है, लेकिन व्हाइट हाउस का इस बार का प्रस्ताव काफी बड़ा है और कुल धनराशि के लिहाज से दुनिया का कोई देश इसका मुकाबला नहीं कर सकता है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी के आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी नागरिकों को 500 अरब अमरीकी डालर का प्रत्यक्ष भुगतान दो किस्तों में करने का प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के आकार और आय के आधार पर सहायता दी जाएगी।


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