MP सियासी संकट : शीर्ष कोर्ट ने पूछा कि आखिर विधायकों के इस्तीफों को अभी तक स्वीकार क्यों नहीं किया गया?

मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से सियासी ड्रामा चल रहा है । बुधवार को शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की । इस दौरान जमकर बहस हुई । दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर पर भी सवाल दागे । शीर्ष कोर्ट ने पूछा कि आखिर विधायकों के इस्तीफों को अभी तक स्वीकार क्यों नहीं किया गया? बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने अदालत में गुहार लगाकर कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण जल्द करवाने की मांग की है । दूसरी ओर मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ और राज्यपाल लालजी टंडन के बीच चिट्ठियों का आदान-प्रदान जारी है। ऐसे में MP का ये सियासी ऊंट किस करवट बैठता है इस पर हर किसी की नज़र है ।

मध्य प्रदेश में गहराए सिसायी संकट पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर से सवाल किया कि आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया? क्या ये विधायक अपने आप अयोग्य नहीं हो जाएंगे? अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं । आपने 16 मार्च को बजट सत्र को टाल दिया. अगर आप बजट को पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा? इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में कमलनाथ ने दलील की, ‘मैं कांग्रेस का सदस्य हूं और मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं । बागी विधायक भी कांग्रेसी हैं । मैं उनसे मिलना चाहता हूं।’ इस पर बागी विधायकों के वकील ने दलील दी कि कमलनाथ से विधायक नहीं मिलना चाहते हैं । इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ ने कमलनाथ के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि हम विधायकों से मिलने का आदेश नहीं दे सकते हैं । यह बच्चों का मामला नहीं हैं। इस बीच जस्टिस चंद्रचूड़ ने विधानसभा स्पीकर से पूछा कि अगर कल विधायक आपके सामने आ जाएं, तो क्या आप उनके इस्तीफे पर निर्णय कर लेंगे?

वही दिग्विजय को कर्नाटक HC से झटका लगा है । बागी विधायकों से मिलने की मांग को खारिज कर दिया गया है । कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के बागी विधायकों से मुलाकात करने की मांग की थी । दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि कर्नाटक पुलिस को आदेश दिया जाए, ताकि वह मुझको कांग्रेस के बाकी विधायकों से रिजॉर्ट में मिलने दे । हालांकि हाईकोर्ट ने दिग्विजय सिंह की इस अपील को ठुकरा दिया । अब मामले की सुनवाई 26 मार्च को होगी ।


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