जनपद में कोई व्यक्ति नहीं है कोरोना वायरस से संक्रमित : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– डीएम बोले जिले में कोरोना मरीजों की संख्या शून्य

– कोरोना वायरस के बचाव के सम्बन्ध में है जन जागरूकता की जरूरत

– रेनुसागर में चारों संदिग्धों में नहीं मिला कोराना वायरस का संक्रमण

– मास्क की कालाबाजारी करने वाले विक्रेता पर होगी कड़ी कार्यवाही

सोनभद्र । जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिले के आम नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों की संख्या शून्य है, फिर भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी कारगर कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोरोना वायरस के बचाव के सम्बन्ध में जन जागरूकता की काफी जरूरत है। कोरोना वायरस के बचाव, रोकथाम, उपचार के प्रति जन जागरूकता के लिए ग्रामीण इलाकों में गांव स्तर तक व शहरी इलाकों में वार्डवार सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना से बचाव सम्बन्धी जन जागरूकता होर्डिंग की स्थापना जल्द से जल्द की जाय। उन्होंने कहा कि जिले स्तर की कमेटी के साथ ही तहसील स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों के अलावा उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी की संयुक्त टीम बनायी जाय और 24 अभियान चलाकर जिले के हर घर पर दस्तक देकर यह सुनिश्चित किया जाय कि उस घर का कोई भी व्यक्ति विदेशी नागरिक के सम्पर्क में नहीं आया है और जहाँ जिले के किसी भी नागरिक को विदेशी नागरिक के सम्पर्क में रहने की जानकारी मिले, तो तत्काल उस व्यक्ति के सम्पर्क में रहने वालों की सूची तैयार की जाय और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाय। उन्होंने बताया कि गत दिनों रेणुसागर के कुछ संभावित कोरोना वायरस के मरीज के होने की आशंका पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और कोराना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया यानी कोरोना वायरस के मरीज जिले में वर्तमान में नहीं है। फिर भी सतर्कता बरते जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिले के महत्वपूर्ण स्थानों के साथ ही न्यायालयों परिसरों, कार्यालय परिसरों की भी बेहतर साफ-सफाई की भी बेहतर साफ-सफाई करायी जाय और साफ-सफाई की वीडियोग्राफी भी करायी जाय।
बैठक में मौजूद मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि कोरोना के बचाव के लिए आम नागरिकों को मास्क की जरूरत नहीं है, मास्क की जरूरत कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज व उनके इलाज से जुड़े डॉक्टर व स्वास्थ्य कार्मिकों को शत-प्रतिशत है। मास्क को आवश्यक वस्तु के श्रेणी में रखा गया है। मास्क पर लिखे अधिकतम खुजरा मूल्य से ज्यादा किसी द्वारा पैसा नहीं लिया जा सकता है। निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसा लेने की शिकायत मिलने पर सम्बन्धित बिक्रेता के खिलाफ कड़ी विधिक कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी ने आम नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस से बचाव, रोकथाम, उपचार हेतु जन जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि होशियारी बरतने की जरूरत है। इस बीमारी का फैलाव संक्रमित व्यक्ति के द्वारा खाँसने, छींकने पर मुँह एवं नाक से निकलने वाले “ड्रापलेट्स” के माध्यम से होता है। लोगो को छींकते या खॉसते समय रूमाल या टीशू पेपर का इस्तेमाल करना चाहिए। साबून और पानी से बार-बार हाथ को साफ करते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले स्तर पर कोरोना वायरस के रोक-थाम के लिए जिला कन्ट्रोल रूम का स्थापना किया गया है, जिसका टेलीफोन नम्बर 05444-222384 है। राज्य मुख्यालय पर स्थापित कन्ट्रोल रूम का टेलीफोन नम्बर 0522-22300060522-2230009 तथा भारत सरकार का हेल्पलाईन नम्बर 91-11-23978046 है।

बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 एस0के0 उपाध्याय, उप जिलाधिकारीगण, डीपीआरओ आर0के0 भारती, एनआरएलएम के ए0के0 जौहरी, खण्ड विकास अधिकारीगण आदि मौजूद रहे।


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