चोपन में रेलवे द्वारा तोड़फोड़ से उम्भा कांड की पुनरावृत्ति की अंदेशा

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। चोपन में उम्भा कांड की पुनरावृत्ति की अंदेशा राज्य सरकार मामले का संज्ञान ले चोपन की जनता राज्य व केंद्र सरकार की दोहरी मार झेल रही है। पहले वाराणसी शक्तिनगर मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर झुग्गी झोपड़ी को तोड़ उनका रोजी रोजगार छिन लिया गया अब रेलवे प्रशासन द्वारा चोपन के भूमि को रेलवे भूमि बता कर अब गरीबों का आशियाना गिराने का नोटीस दे कर लगातार मकान गिराया जा रहा है।चोपन के आम जनता की पीड़ा को देखते हुये समाजसेवी श्यामाचरण गिरी के नेतृत्व में आज कैलाश मंदिर के प्रांगण में सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी। जिसमे सभी दलों के लोग उपस्थित हुये और अपनी-अपनी विचार व्यक किये और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया यह लड़ाई सड़क से न्यायालय तक लड़ा जायेगा।

पूर्व मध्य रेलवे चोपन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर आम जनता के साथ यहां के मूल निवासियों को भी प्रताणित कर रहे है। रेलवे द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह भूमि रेलवे की है जबकि यहां की मूल निवासियों से आम जनता राजस्व जमा कर भूमि अर्जित की है व स्थाई मकान निर्माण कर लगभग 40 वर्षों से विराजमान है। आज रेलवे द्वारा राजस्व विभाग के सभी दस्तावेज खारिज करते हुये तत्काल प्रभाव से नोटिस देकर खाली कराने की फरमान जारी कर दी है। जिससे कि नगर में भय व्याप्त है। स्थानीय लोग बड़ी आंदोलन की तैयारी कर रहे इसके लिए कल सर्वदलीय प्रतिनिधि मण्डल रेलवे के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से भी मिलेंगे। और मांग करेंगे कि चोपन की जनता के साथ न्याय हो।

बैठक में मुख्य रूप से वकील अहमद,सपा नेता नजमुद्दीन, भोला उपाध्याय, सावित्री देवी, शियाराम तिवारी, ओम प्रकाश गुप्ता, मोम बहादुर, मीना देवी, संजय चेतन, सुशील पाण्डेय, मनोज गर्ग, बबलू डिश, सर्वजीत यादव, राजू चौरसिया, सुशीला देवी, रामचंद्र कनौजिया, जितेन्द्र पासवान, मंसूर आलम, अनूप दुबे अन्य सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।


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