उत्तराखण्ड सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया

फाइल फोटो

उत्तराखण्ड सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु बड़ा कदम उठाते हुए इस रोग को महामारी घोषित किया है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 रेग्यूलेशन एक्ट – 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकार के पास कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सभी प्रकार के अधिकार होंगे। सभी स्कूल, काॅलेज, सिनेमाघर को बन्द रखा जाएगा। केवल मेडिकल काॅलेज खुले रहेंगे। एक स्थल पर एकत्र होने से रोका जाएगा। अवहेलना करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत 01 माह से 06 माह के कारावास का प्रावधान किया गया है।
सरकार के निर्णय में कहा गया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य के पास पर्याप्त संसाधन एवं उपकरण उपलब्ध हैं। यह भी कहा गया है कि शासकीय मेडिकल काॅलेज में सृजित पदों के सापेक्ष 11 माह के लिए 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त पदों की स्वीकृति होगी। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की अनुमति होगी। आईसोलेशन वार्ड, आईसीयू तैयार, उपकरण, दवा आदि के लिए 50 करोड़ रूपये का फंड तैयार किया गया है।
भविष्य में कोरोना की तीव्रता बढ़ने पर प्रीफेब्रिकेटेड 100 बेड का हाॅस्पिटल तैयार किया जाएगा। निजी भवन, चिकित्सा ईकाई भवन को जरूरत पड़ने पर अस्पताल बनाया जाएगा। तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए 140 विभागीय एम्बुलेंस को एलर्ट पर रखा गया है। बसों में सेनिटेशन (साफ-सफाई) के लिए निगम एवं प्राईवेट आॅपरेटर व्यवस्था करेंगे। 104 हेल्पलाईन नम्बर शुरू किया गया है। सभी होटल व्यवसायियों को एडवाईजरी जारी की गयी है। ग्राम सभाओं, आशा कार्यकत्रियों को भी अभियान में जोड़ा जाएगा।


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