मैनुअल जारी होगी रोडवेज बसों की एमएसटी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । परिवहन निगम ने अपने यात्रियों को कैशलेस सेवा देने के लिए जो ओपन कार्ड की सुविधा शुरू की थी। उसे फर्जीवाड़े के कारण अब बंद कर दिया है। वहीं अब कार्ड वाली एमएसटी बनने के बजाय मैनुअल एमएसटी बननी शुरू हो गई हैं। जिन यात्रियों के पास कार्ड वाली एमएसटी या फिर ओपन कार्ड हैं वह सिर्फ 15 मार्च की रात तक ही मान्य होंगे। इसके बाद कार्ड धारकों को यात्रा के दौरान टिकट बनवाना होगा। स्मार्ट कार्ड में बने एमएसटी ईटीएम मशीन स्कैन नहीं कर पा रहा है। इससे एमएसटीधारक यात्रियों को परेशानी हो रही है। ऐसे में स्मार्ट कार्ड में एमएसटी जारी करने और नवीनीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

डीआरएम ए0के0सिंह ने बताया कि “स्मार्ट कार्ड में एमएसटी पर रोक लगाते हुए यात्रियों को मैनुअल एमएसटी बनवाने की सुविधा शुरू की गई। पूर्व में जारी स्मार्ट कार्ड एमएसटी से 15 मार्च तक सफर कर सकते है। इसके बाद स्मार्ट कार्ड एमएसटी में उपलब्ध बैलेंस धनराशि को एक अप्रैल से वापस किया जाएगा। मैनुअल एमएसटी बनवाने की दशा में दी गई धनराशि की रसीद एमएसटीधारकों को यात्रा के दौरान साथ लेकर चलना होगा। बस कंडक्टर के मांगने पर यात्री को दिखाना होगा। मैनुअल एमएसटी बनवाना की प्रक्रिया भी बेहद सरल है जिसमें दैनिक यात्री को सिर्फ एक फोटो और अपना आधार कार्ड लाना होगा और एक घंटे भवन उन्हें एमएसटी पास जारी कर दिया जाएगा, पूर्व में यह पास बनवाने में एक से दो माह का समय लगता था। एक एमएसटी पास धारक को 100किमी0 रेंज की एमएसटी बनायी जाएगी मात्र 18 दिनों का किराया जमा कर पूरे महीने यात्रा का लाभ ले सकते हैं। वहीं छात्रों के लिए यह एमएसटी 60किमी0 रेंज की बनाई जाएगी और इसके लिए छात्रों को कॉलेज का प्रमाण पत्र देना होगा।”

विशेष श्रेणी के वर्तमान कार्ड धारक जिसमें लोकसभा व राज्य सभा सदस्य, विधान सभा एवं विधान परिषद के भूतपूर्व सदस्य, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मान्यता प्राप्त पत्रकार, दिव्यांगजन, राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार प्राप्त अध्यापक, प्रदेश के शिक्षक, लोकतंत्र रक्षक सेनानी को निर्गत कार्डों का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में नवीनीकरण की व्यवस्था लागू रहेगी।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!