पूर्व सीईओ राणा कपूर पर जांच एजेंसियों ने कसा शिकंजा, 7 घण्टे से ईडी की पूछताछ जारी

साल 2004 में शुरू हुआ यस बैंक संकट के दौर से गुजर रहा है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक के संस्थापक और इस संकट के सामने आने से पहले बोर्ड एग्जिट कर चुके बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने लगा है।

शुक्रवार को उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। देर रात उनके कई ठिकानों पर ईडी की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई को भी अंजाम दिया था। इसके बाद शनिवार को राणा कपूर मुंबई में ईडी दफ्तर पहुंचे हैं। राणा कपूर से ईडी की टीम बीते 7 घंटे से पूछताछ कर रही है। बता दें कि ईडी की पूछताछ दोपहर 12 बजे से शुरू है ।

यस बैंक ने नवंबर 2019 में शेयर बाजार को यह जानकारी दी थी कि राणा बैंक के बोर्ड से पूरी तरह एग्जिट कर चुके हैं, लेकिन यह संकट रातोरात पैदा नहीं हुआ है ।राणा अब भले ही यह कह रहे हों कि क्या हो रहा, उन्हें आइडिया नहीं । लेकिन उनके आवास पर हुई छापेमारी में कई सबूत ईडी के हाथ आने की जानकारी सामने आ रही है । ऐसे में जिस तरह जांच चल रही है, राणा की मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही है ।

रिजर्व बैंक की पाबंदी के बाद रेटिंग एजेंसियों ने भी यस बैंक को झटका दिया । मूडीज ने बयान जारी कर आरबीआई की पाबंदी को नकारात्मक बताते हुए बैंक की रेटिंग कम कर दी । वहीं, आईसीआरए ने भी यस बैंक के टियर- II और टियर- I बॉन्ड को लेकर रेटिंग पर कैंची चला दी । गौरतलब है कि आरबीआई ने बैंक के नकदी संकट को देखते हुए 3 अप्रैल तक सिर्फ 50 हजार रुपये निकालने की छूट दी है ।हालांकि यह भी साफ किया गया है कि इमरजेंसी में ग्राहक 5 लाख रुपये तक की निकासी कर सकते हैं।

कभी तेजी से ग्रोथ करने वाला यस बैंक इतने गहरे संकट में कैसे फंस गया, इसे लेकर चर्चा के बीच माना यह भी जा रहा है कि बैंक की इस दुर्दशा के पीछे बैड लोन की बड़ी भूमिका है । बैंक ने एलएंडएफएस, जेट एयरवेज, कॉक्स एंड किंग्स, सीजी पावर, दीवान हाउसिंग और कैफे कॉफी डे जैसी कई ऐसी कंपनियों को लोन दिए, जिनका वित्तीय लेनदेन का रिकॉर्ड साफ नहीं था । इन सभी कंपनियों का एनपीए रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच गया ।

गौरतलब है कि देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने यस बैंक में निवेश करने में रुचि दिखाई है। दूसरी तरफ सरकार ने यस बैंक के ग्राहकों को यह भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा डुबने नहीं दिया जाएगा । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वे खुद आरबीआई के संपर्क में हैं । वहीं, बैंक के ग्राहकों में सरकार के आश्वासनों के बावजूद बेचैनी है।


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