किशोरी बालिका होगी सशक्त तो निश्चित तौर पर आने वाला भविष्य होगा उज्जवल : प्रभारी जिलाधिकारी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वाधान में जिला स्तरीय किशोर/महिला जागरूकता गोष्ठी व प्रदर्शनी का आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट परिसर राबर्टसगंज में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर बाल विकास, शिक्षा, प्रोबेशन, उद्यान आदि विभागों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी।

जिला स्तरीय किशोर/महिला जागरूकता गोष्ठी व प्रदर्शनी का शुभारंम्भ अध्यक्ष जिला पंचायत अमरेश सिंह पटेल, प्रभारी जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत चौबे, जिलाध्यक्ष अपना दल (एस) सत्यानरायण सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि कुलदीप पटेल आदि ने दीप प्रज्जवलित करके किया। इस मौके पर वरिष्ठ जनो द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। निति आयोग निर्देशानुसार बाल विकास की सेवाओं को मजबूत करने के निमित्त जिला खनिल फाउन्डेशन न्यास की तरफ से जिले के सभी आँगनबाड़ी पर उपलब्ध कराये जाने वाले संसधनों के समानों को प्रतीक के रूप में जनप्रतिनिधियों द्वारा आँगनबाड़ी को क्रियाशील करने के लिए लोर्कापित किया गया।
जिला स्तरीय किशोर/महिला जागरूकता गोष्ठी व प्रदर्शनी समारोह को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष जिला पंचायत अमरेश सिंह पटेल, प्रभारी जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत चौबे, जिलाध्यक्ष अपना दल (एस) सत्यानरायण सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि कुलदीप पटेल आदि ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए महिला एवं बाल विकास पर जोर दिया। इस मौके पर पोषण शपथ भी दिलायी गयी।

प्रभारी जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने महिला एवं बाल विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किशोरावस्था नारी जीवन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण अवस्था होती हैं। आज भी शत प्रतिशत किशोरी बालिकायें जागरूक नही है, जिसके कारण अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। जैसे स्कूल न आना, साफ-सफाई के प्रति सचेत न होना, आत्म निर्भरता का अभाव, अपने आपको असहज महसूस करना, डरी सहमी रहना, अपनी बातों को खुलकर व्यक्त न करना इत्यादि। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने किशोरी गोष्ठी का आयोजन करने हेतु निर्देश जारी किया ताकि उनमें जागरूकता आयें और अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो सकें, जिससे उनका शारीरिक मानसिक एवं बैद्धिक विकास हो सकें। इस को ध्यान में रखते हुए शासन ने किशोरी गोष्ठी का आयोजन करने हेतु निर्देश जारी किया ताकि उनमें जागरूकता आये और अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो सके, जिससे उनका शारीरिक मानसिक एवं बौद्धिक विकास हो सकें। यदि किशोरी बालिका सशक्त होगी तो निश्चित तौर पर आने वाला भविष्य उज्जवल होगा क्योकि किशोरी स्वस्थ्य होगी तो भविष्य में वहीं माँ बनेगी और बच्चे को जन्म देगीं।
उन्होंने कहा कि अनुपूरक पोषाहार 07 माह से 03 वर्ष, 03 वर्ष से 06 के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, धात्री माताएं एवं किशोरी बलिकाएँ, शालापूर्व शिक्षा, 03 वर्ष 06 वर्ष के बच्चे जो आंगनबाडी केन्द्र पर आते है, पोषण तथा स्वास्थ्य शिक्षा, 15 वर्ष से 45 वर्ष, की महिलाए एवं किशोरी बालिकाए, प्रतिरक्षण 0 से 05 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाए एवं किशोरी बालिकाएं, स्वास्थ्य जॉच से 0 से 06 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाए एवं किशोरी बालिकाए, संदर्भ (रेफल) सेवाएं, 0 से 05 वर्ष के बच्चों, किशोरी बालिकाए (11-14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली एवं 15-18 वर्ष की सभी), गर्भवती महिलाए, धात्री माताएं, 06 माह से 03 वर्ष के बच्चे, पुष्टाहार वितरण दिवस प्रत्येक माह के 05, 15 एवं 25 तारीख निर्धारित की गयी है। रविवार या अवकाश की दशा में अगले कार्यदिवस को वितरण किया जाता हैं समस्त लाभार्थियों (03-06 वर्ष के बच्चों को छोडकर) को प्रत्येक पुष्टाहार वितरण दिवस पर एक पैकेट/01 किग्रा दिया जाता है। उन्होने कहा किशोरी एवं महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान करने की कोशिश जारी है।

इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत अमरेश सिंह पटेल, प्रभारी जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत चौबे, जिलाध्यक्ष अपना दल (एस) सत्यानरायण सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि कुलदीप पटेल, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ओ0पी0 सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0उपाध्याय, उपनिदेशक कृषि, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, सहायक निबन्धक सहकारिता टी.एन सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारीगण, सुपरवाइजरगण, आगनबाडी कार्यकत्री आदि मौजूद रहे। इस मौके पर विविध संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।


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