यदि सोना कोणार्क में मिल सकता है तो सोनभद्र में क्यों नहीं : सतीश द्विवेदी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । सोनभद्र में सोने के भंडार मिलने के दावे को जीएसआई ने भले ही खारिज कर दिया हो मगर जिले के प्रभारी मंत्री को उम्मीद है कि अपने नाम के अनुरूप सोनभद्र कमाल दिखायेगा।


ओबरा खनन हादसे की जांच करने पहुंचे जिले के प्रभारी व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी का अभी भी मानना है कि यदि कोणार्क में सोना मिल सकता है तो सोनभद्र में क्यों नहीं। जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते सतीश द्विवेदी का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है। खनन अधिकारी के जिस बयान के बाद पूरे देश में किरकिरी हुई, डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने तो यहां तक कह दिया था कि सोनभद्र अब पूरे देश की गरीबी मिटाएगी। इस बयान व झूठे दावे को लेकर सपा ने इसे जुमलेबाजी करार दिया था। इन सब के वावजूद प्रभारी मंत्री को उम्मीद है कि सोनभद्र में सोना मिल सकता है।

अपको बता दें कि सोनभद्र खनन अधिकारी ने मीडिया को दिए एक बयान में बताया था कि सोनभद्र के हर्दी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम और सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने का भंडार मौजूद है । इस खबर के बाद सोनभद्र रातों रात पूरे देश में चर्चा में आ गया था । मगर जीएसआई ने इस दावे को खारिज करते हुए सोनभद्र में अयस्क होने को बात कही । जिसके मुताबिक लगभग 160 किलो ही सोना मिल सकता है। इस खबर के बाद जिलाधिकारी को भी सामने आकर सफाई देना पड़ा था।

बहरहाल जनपद में सोने का भंडार मिले या न मिले मगर सोने के भंडार के कारण चर्चा में आया विश्व के जहरीले सांप होने का दावा सच निकल गया।


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