रिलायंस फाउंडेशन किसानों को दिखा रहा उन्‍नति की राह, बढ़ रही आमदनी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । सोनभद्र में रिलायंस फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में किसानों ने बताया कि फाउंडेशन की मदद से उन्‍होंने न केवल फसल के लिए बाजार तलाशे बल्कि आमदनी को भी दोगुने से चार गुने तक पहुँचाया। वहीं टोल-फ्री नंबर से हर समस्‍या का हल तत्‍काल मिलने से फायदा हुआ। आज रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के एक किसान दूधनाथ मौर्या ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि “उन्होंने 15 वर्ष पहले आँवला के 4 पेड़ लगाये थे। हर वर्ष पेड़ों पर फूल तो आते थे लेकिन फल लगने के पहले ही वे झड़ जाते थे। इस समस्या के कारण उनके परिवार ने पेड़ काटने का मन बना लिया था। इसी बीच उनके घर रिलायंस फाउंडेशन के प्रतिनिधि आये जिनके द्वारा बताये गए रिलायंस फाउंडेशन के टोल फ्री नंबर पर एक वैज्ञानिक से आँवले की समस्या के विषय में उनकी बात हुई। उन्होंने आँवले के पेड़ों पर बोरान और मोनोक्रोटोफास दवा का छिड़काव करने का सुझाव दिया और साथ ही पोषक के रुप में फॉस्फेट नाइट्रोजन एवं कंपोस्ट डालने के लिए बताया। इस छिड़काव के फलस्वरूप आँवले के पेड़ों में बहुत अच्छे फल हुए। चारों पेड़ो में कुल मिलाकर एक कुंतल फल हुआ जिससे 5000 रुपये की आमदनी हुई।”

दूधनाथ ने आगे बताया कि “उन्होंने 2 बीघे जमीन में मिर्चे की खेती की थी जो बरसात के कारण पूरी खराब हो गयी थी। उनका अत्यधिक धन लग गया था। इसी बीच उनके गाँव में रिलायंस फ़ाउंडेशन के एक प्रतिनिधि ने एक ऑडियो कॉन्फ्रेंस प्रोग्राम कराया जिसमें उनकी वैज्ञानिक डॉ0 ओंकार सिंह से सीधे मिर्चे की समस्या के बारे में बात हुई। उनके द्वारा बताई गयी दवा मैंकोजेब और कार्बन्नडाजीम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर खेत में छिड़काव किया गया। जिससे मिर्चे की फसल फिर से हरी भरी हो गयी। इस समय वह 2,20,000 रुपये का मिर्चा बेच चुके हैं और 50,000 रुपये लागत हटाकर 1,70,000 रुपये का लाभ ले चुके हैं।”


फाउंडेशन के सदस्‍य, कृषि, बागवानी एवं विभिन्‍न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ सीधे तौर पर ग्रामीण लोगों से मिलकर उन्‍हें बेहतर खेती की जानकारी देते हैं और समस्‍याओं के समाधान करते हैं

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