ओबरा खनन हादसा मामले में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 2 शव बरामद, सीएम दफ्तर ने किया ट्वीट

कृपा शंकर पांडेय (संवाददाता)

ओबरा खनन हादसे मामले में अब तक दो लोगों के शव को निकाला जा चुका है जबकि अभी भी 3 लोगों के दबे होने की आशंका है । एनडीआरएफ की टीम लगातार राहत व बचाव के कार्य में जुटी हुई है ।
आज सुबह आशीष श्रीवास्तव ने खनन क्षेत्र का दौरा कर आशंका जतायी की 4-5 लोग अभी भी मलबे में हो सकते हैं । पूरे दिन खदान में राहत कार्य चलने के बाद शाम एक और शव को मलबे से बाहर निकाला गया । इसके साथ ही कुल मृतकों की संख्या 2 हो गयी। एक दिन में 2 शव मिलने से यह साफ हो गया कि प्रशासन ने जो अंदेशा जताया था वह हकीकत में तब्दील होने लगा है ।

घटना को लेकर श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने भी दुःख जताते हुए कहा कि जिलाधिकारी से बात हुई है। उन्होंने कहा कि मृतकों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दे दिया गया है। श्रम मंत्री ने कहा कि श्रम आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि किसी मजदूर का रजिस्ट्रेशन हो या न हो उन्हें 50 हजार की श्रम विभाग से सहायता दी जाय। प्रशासन देर रात तक रेस्क्यू चलाया ।

बहरहाल सूत्रों की माने तो खनन विभाग समेत स्थानीय प्रशासन को पहले ही जानकारी थी कि खदान में मानक नहीं अपनाया जा रहा है । क्योंकि जिस तरह से खदान में खनन कार्य किया गया वह किसी भी तरह सही नहीं है । वहीं अपनादल के सांसद का पत्र भी काफी चर्चा में रहा । सांसद द्वारा अक्टूबर 2019 को लिखे गए पत्र को आखिर क्यों नहीं सज्ञान में लिया गया यह बड़ा सवाल है । लेकिन यह तय है कि यदि सांसद के पत्र को सज्ञान लिया गया होता तो शायद यह घटना नहीं होता ।

आपको बतादें कि खनन हादसा कोई नया नहीं है । इसके पूर्व 2012 में भी शारदा मन्दिर के पास खनन हादसा हुआ था जिसमें 9 मजदूरों की मौत हुई थी।
लेकिन देखने वाली बात यह है कि जिस तरह 2012 की घटना को भुला दिया गया तो क्या कुछ दिनों में इस घटना को भी प्रसाशन भुला देगा ।

सीएम कार्यालय ने किया ट्वीट

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