दोहा में लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और अफगान तालिबान ने शांति समझौते पर किया हस्ताक्षर

कतर की राजधानी दोहा में वर्षों की लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और अफगान तालिबान ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए । इसके तहत अमेरिका अफगानिस्तान से तत्काल सैनिकों को वापस बुलाना शुरू करेगा, इनकी संख्या घटाकर 8,600 की जाएगी।

साथ ही अमेरिकी-तालिबान शांति समझौते में किए गए वादों को 135 दिन में लागू किया जाएगा । इस बीच अमेरिका ने फिर से जोर देकर कहा कि वह अफगानिस्तान की सरकार की सहमति से लगातार सैन्य ऑपरेशन चलाने को तैयार है ।

समझौते के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ कतर पहुंचे हैं । उनके साथ अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ज़लमय खलीलजाद भी मौजूद थे ।तालिबानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मुल्ला बिरादर कर रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, ‘हम इसकी करीब से निगरानी करेंगे कि तालिबान अपने वादों को लागू करता है या नहीं । इसके साथ ही हम अफगानिस्तान से अमेरिकी सैन्य बलों को निकालने का फैसला लेंगे ।

उन्होंने कहा कि यह समझौता तभी पूरी तरह से लागू होगा, जब तालिबान शांति के लिए कदम उठाएगा । इसके लिए तालिबान को आतंकी संगठन अलकायदा और दूसरे विदेशी आतंकी संगठनों से अपने सभी रिश्ते तोड़ने होंगे । यह समझौता इस क्षेत्र में एक प्रयोग है ।

माना जा रहा है कि अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते से अफगानिस्तान में शांति कायम होगी । साथ ही लंबे समय बाद अफगानिस्तान गृह युद्ध से बाहर निकलेगा ।


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