मिर्जापुर में मिड डे मील लापरवाही का मामला : दो अधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट को लेकर आमने-सामने

मिर्ज़ापुर । मिर्जापुर में मिड डे मील में लापरवाही का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है । 32 बच्चों में 400 ग्राम दूध बांटने का मामला व 1 किलो चावल में 32 बच्चों को खिलाने के मामला प्रकाश में आने के बाद एक बार फिर जनपद चर्चा में है । इस कृत्य से जहां एक बार फिर शिक्षा विभाग की पोल खुल गयी वहीं सरकार की भी खूब किरकिरी हो रही है । बच्चो को मिड डे मील देने में हुई लापरवाही को लेकर सरकार के दो अधिकारी आमने-सामने है। मझवां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरैनी में 26 फरवरी को मिडडे मील की जांच करने पहुचे । मंडलीय समन्वयक राकेश तिवारी की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 1 किलो चावल में 32 छात्रों का भोजन बन रहा था। साथ ही चार सौ ग्राम दूध में 32 बच्चो में बाटना था। रिपोर्ट आने के इसके बाद मचे हड़कंप पर डीएम ने बीएसए को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। आज बीएसए ने जांच कर मिडडे मील में लापरवाही करने का खुलासा करने वाले अधिकारी पर ही सवाल खड़ा कर दिया। कहा कि यह रिपोर्ट गलत है। वही बीएसए के आरोप पर जांच करने वाले मंडलीय समन्वय मिडडे मील राकेश तिवारी ने खुद बीएसए को ही कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि मैं अपनी जांच रिपोर्ट पर कायम हूँ।



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