ऐश डैम के चल रहे तटबंध निर्माण को लेकर ग्रामीणों का हंगामा

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन । स्थानीय ओबरा थर्मल परियोजना के चकाड़ी स्थित ऐश डैम के चल रहे तटबंध निर्माण को ग्रामीणों ने बुधवार को रोक दिया। ऐश डैम में पड़ने वाली अपनी भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणो द्वारा लगातार कार्य मे बाधां डाला जा रहा था और ग्रामीणों व परियोजना के अधिकारियों के बीच नोक क्षोक होती रहती थी जिसको लेकर परियोजना प्रशासन ने तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराया। दोपहर बाद पहुंचे एसडीएम सदर,कानूनगों ,लेखपाल सहित परियोजना

अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की। एसडीएम यमुना धर चौहान द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद निर्माण कार्य में की गई बाधा हटा ली गई हालांकि ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों ने बताया कि गत कई वर्षों से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन मुआवजा नहीं दिया जा रहा। हर बार एक समय सीमा दे दी जाती है। लगातार भूमि का प्रयोग बिजली विभाग द्वारा कर लिया जाता है लेकिन उन्हें केवल आश्वासन की घुट्टी दे दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि दर्जनों बीघे भूमि पर डैम की गीली राख पहुंचने से खेत पूरी तरह बंजर हो गए है। बावजूद उस भूमि का आज भी न तो मुआवजा मिला और न ही उस पर अतिरिक्त मिट्टी ही गिराई गई। सदर एसडीएम ने बताया कि मुआवजा संबंधी कार्यवाही की जा रही है। ग्रामीणों का जो भी विधिक अंश है वह उन्हें जरूर मिलेगा। बताया कि लगभग एक बीघा छह बिस्वा का मामला है। मुआवजे को लेकर प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। ग्रामीणों का हक उन्हें जरूर मिलेगा। वर्तमान में ओबरा तापीय परियोजना के चकाड़ी ऐश डैम की क्षमता वृद्धि के लिए उसके तटबंधों को ऊंचा किया जा रहा है। खासकर उसका पूर्वी छोर जो पिछले कई वर्षों से मानसून सत्र के दौरान क्षतिग्रस्त हो जाता है उसे अब नया रूप दिया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों के दौरान चकाड़ी ऐश डैम का तटबंध आधा दर्जन से ज्यादा बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिसके कारण ग्रामीणों के खेत में गीली राख पहुंचने से खेत बंजर होते जा रहे थे। वर्ष 1980 में परियोजना के राख निस्तारण के लिए बनी बंधी के पिछले कई वर्ष से टूट रहे तटबंध को अब नये तरीके से बनाया जा रहा है। पहले सामान्य तरीके से मिट्टी का तटबंध था लेकिन अब उसमें बोल्डर और लोहे की जालियों का भी प्रयोग किया जा रहा है। वर्तमान में 1360 मेगावाट क्षमता के ओबरा सी का निर्माण चल रहा है। ओबरा सी से निकलने वाली राख को भी आरंभिक दौर में इसी चकाड़ी ऐश डैम में ही लाया जाना है। इसके अलावा ओबरा ब तापघर की राख भी इसी ऐश डैम में आती है। इसलिए इस डैम की क्षमता बढ़ाई जा रही है। जिसके लिए तटबंध को ऊंचा किया जा रहा है।इस दौरान परियोजना अधिक्षण अभियंता इ. राजीव कुमार, मनोज सिंह, एक्सियन अजय शर्मा, जेई सर्वेश यादव,लेखपाल धर्मेंद्र यादव,ओबरा पुलिस सहित विनोद यादव, बचाऊ,जगेसर, सीताराम, शम्भु, बच्चन ,कौलेसर इत्यादि ग्रामीण मौजूद रहे।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!