ट्रंप ने भारत को बताया एक शानदार देश, कहा- लोकतंत्र पर विश्वास करना गौरव की बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपनी दो दिन की भारत यात्रा के आखिरी दौर में मीडिया से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बातचीत की । ट्रम्प ने अपने 53 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 26 सवालों के जवाब दिए।इस दौरान उन्होंने भारत में हुए स्वागत की तारीफ की और कहा कि उनके दो दिन शानदार बीते । पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने, उनकी शख्‍सियत को शानदार बताया ।

ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि मैंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता को लेकर कुछ नहीं कहा। कश्मीर निश्चित ही भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा मसला है। वे इस पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने भारतीय मुसलमानों के मुद्दे पर कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले पर मुझे मजबूत जवाब दिया है। मोदी ने बताया है कि पहले जहां 1.4 करोड़ मुसलमान थे, वे आज 20 करोड़ हैं। वे मुसलमानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं सीएए पर ट्रम्प ने कहा- मैं इस पर कोई चर्चा नहीं करना चाहता हूं। मैं यह भारत पर ही छोड़ता हूं। उम्मीद है कि वे उनके लोगों के लिए सही निर्णय लेंगे।

ट्रंप ने भारत को एक शानदार देश बताया और कहा कि उन्हें भारत में बहुत अच्छा लगा । उन्होंने कहा कि उनकी यहां बहुत सकारात्मक बातचीत हुई । ट्रंप ने कहा कि उन्हें यहां बहुत आनंद आया । हमारी शानदार बैठकें हुईं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि वो हमें जैसे पहले पसंद करते थे, इस बार उससे ज्यादा पसंद किया । प्रधानमंत्री और मेरे बीच एक बेहतरीन रिश्ता है । ट्रंप ने कहा कि लोकतंत्र पर विश्वास करना गौरव की बात है ।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम आपसी संबंधों को बढ़ाना चाहते हैं । उन्होंने भारत को एक बेहतरीन बाजार बताया । ट्रंप ने कहा कि भारत, अमेरिका से कई रक्षा उपकरण खरीदेगा । उन्होंने भारत के साथ हुई 3 बिलियन डॉलर की चॉपर डील का जिक्र भी किया ।

उन्होंने कहा कि भारत सबसे ज्यादा टैरिफ अमेरिकी सामानों पर लगाता है लेकिन जब भारत से सामान आता है तो अमेरिका उस पर कोई टैरिफ नहीं लगाता। हम इसे देख रहे हैं और हम बातचीत कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमने भारत से व्यापार में बहुत घाटा झेला है ।

तालिबान के साथ डील के बारे में भारत और पाकिस्तान के पक्ष के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि भारत डील होते देखना चाहता है । उन्होंने कहा, “डील हुए दो दिन हो चुके हैं और हमने इस दौरान बहुत कम हिंसा देखी है । हम कोई पुलिस दल नहीं हैं। 19 साल बाद हम अपने सैनिकों को वहां से लाना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि एक बार हम वहां से अपने लोगों को निकाल लाएं फिर कुछ हुआ तो हम उन्हें बता देंगे कि हम उन्हें कितना मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं । अफगानिस्तान बहुत खतरनाक जगह है ।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं बता सकता हूं कि जितना मैंने इस्लामिक आतंकवाद से लड़ने के लिए लिए किया है, मुझे नहीं लगता किसी और ने किया होगा।” उन्होंने इस दौरान बगदादी और सुलेमानी के मारे जाने का जिक्र भी किया । उन्होंने कहा कि सीरिया और इराक में उन्होंने इसके लिए बहुत काम किया है । बिन लादेन के बेटे हमजा के मारे जाने को भी उन्होंने अपनी उपलब्धि बताया । उन्होंने कहा कि बाकी देशों को भी इसके लिए काम करना चाहिए ।

पाकिस्तान के आतंकवादी गुटों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उस देश को इसके लिए काम करना चाहिए क्योंकि अमेरिका, पाकिस्तान से बहुत दूर है । उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद पर जबरदस्त चोट की है और हमने खिलाफत को खत्म कर दिया है । उन्होंने कहा कि हम करना नहीं चाहते थे लेकिन हमने हजारों आईएस आतंकियों को मार गिराया ।

पाकिस्तान से भारत आ रहे आतंकवाद पर ट्रंप ने कहा कि हमारी पाकिस्तान से बात होती है, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान हमारे अच्छे मित्र हैं । उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से उनकी इस मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई । उन्होंने कहा कि उनके पीएम मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों से बहुत अच्छी बातचीत है । उन्होंने यह भी कहा कि मैंने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी । मैं जो हो सकेगा इसके लिए करूंगा । उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी बहुत धार्मिक लेकिन बहुत सख्त व्यक्ति हैं वे इसका (पाकिस्तानी आतंकवाद का) खयाल रखेंगे ।

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं और कहा कि पीएम मोदी ने भी उन्हें ऐसी ही बात कही है हालांकि इस मुद्दे पर उनसे ज्यादा बात नहीं हुई है । CAA पर बात करने से ट्रंप ने इनकार कर दिया और कहा कि वो इसका फैसला भारत पर छोड़ते हैं । आशा है कि वह अपने नागरिकों के लिए जो फैसला लेगा सही होगा । हालांकि बाद में उन्होंने इस पर सफाई दी और कहा कि दोनों देश आपस में इसे निपटा लेंगे ।

हार्वे वाइनस्टीन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वो न कभी उनके फैन रहे हैं और न ही उन्हें पसंद करते हैं, न ही उन्हें केस के बारे में बहुत अच्छी तरह पता है । उन्होंने यह भी दावा किया कि मिशेल ओबामा और हिलेरी क्लिंटन के साथ ही अन्य डेमोक्रेट्स उन्हें पसंद करते रहे हैं। जब उनसे दोबारा पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बड़ी जीत है और इसने एक बड़ा संदेश दिया है ।

इसके अलावा अपने देश में राजनीतिक मुसीबतों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने विरोधियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जो व्हिसलब्लोअर हैं, वे झूठे हैं । उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति चुनावों के लिए कोई भी मदद नहीं ली ।

इबोला और कोरोना की परिस्थितियों को अमेरिकी राष्ट्रपति ने अलग-अलग बताया। उन्होंने कोरोना के दौरान अमेरिकी नागरिकों को वापस लाए जाने को जरूरी बताया और कहा कि अमेरिका अभी भी इबोला वायरस पर काम कर रहा है । उन्होंने बताया कि जापान से अमेरिकी नागरिकों को लाकर उन्हें तुरंत निगरानी में रखा गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से उनकी कोरोना वायरस को लेकर भी बातचीत हुई है ।


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