पोलवा के कोटेदार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, दुकान निलंबित

धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)

-बभनी ब्लाक के गोंहड़ा गांव के कोटे की दुकान पर भी हुई निलंबन की कार्रवाई

-एक सप्ताह पहले पोलवा के ग्रामीणों ने अनियमितता के खिलाफ किया था विरोध प्रदर्शन

-पोलवा की दुकान महुली और गोंहड़ा कोटे की दुकान कोरची में हुआ अटैच

विंढमगंज। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन में घालमेल और कार्डधारकों के निवाले पर डाका डालने के आरोप में जिले के कोटे की दो दुकानों को शासन ने निलंबित कर दिया है।दुद्धी विकास खंड के पोलवा एवं बभनी ब्लाक के गोंहड़ा गांव के कोटे की दुकान पर निलंबन की कार्रवाई के बाद राशन की निकासी एवं वितरण व्यवस्था पड़ोसी गांवों के कोटेदारों को सौंप दी गई है। पोलवा गांव के कोटेदार व उसके सहायक के विरुद्ध विंढमगंज थाने में बीते 23 फरवरी को दुद्धी के आपूर्ति निरीक्षक के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है। शासन की इस कठोर कार्यवाही से क्षेत्र के कोटेदारों में हड़कंप मच गया है। आपूर्ति निरीक्षक रामलाल यादव ने बताया कि पोलवा गांव के कोटेदार द्वारा पिछले कई महीनों से राशन वितरण में अनियमितता की शिकायतें मिल रही थी। पिछले माह सैकड़ों कार्डधारकों को राशन वितरित नहीं किया गया था।

पिछले सप्ताह ग्रामीणों द्वारा कोटेदार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करने के बाद अधिकारियों ने जब जांच पड़ताल की तो पता चला कि गांव के अधिकांश लोगों को तीन चार माह से खाद्यान्न नहीं दिया गया जबकि कोटेदार ने कार्डधारकों के घर जाकर उनका अंगूठा भी लगवा लिया। अगले दिन खाद्यान्न वितरण करने का वादा कर कोटेदार हफ्तों गायब हो जाता था। इससे कई गरीब के घर में त्योहारों पर माहौल फीका सा रहा। शासन ने इसे गंभीरता से लिया और पोलवा कोटे की दुकान निलंबित कर दुकानदार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के बाद इसे महुली कोटे से संबद्ध कर दिया है।

वहीं बभनी ब्लाक के गोंहड़ा गांव के कोटेदार द्वारा खाद्यान्न वितरण में अनियमितता के कारण यहां के कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया। आपूर्ति निरीक्षक श्री यादव ने बताया कि यहां के कोटे की दुकान को पड़ोसी गांव कोरची से संबद्ध कर दिया गया है। पोलवा के कोटेदार लालजी दृष्टि बाधित पुत्र स्व० मुंद्रिका निवासी बीड़र एवं उसके सहयोगी विनोद कुमार पुत्र राम कलाई निवासी रजखड़ के विरुद्ध विंढमगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पोलवा गांव के कोटे की दुकान पर स्थलीय निरीक्षण के दौरान कोटे पर आवंटन व वितरण के मुताबिक काफी कम मात्रा में खाद्यान्न मिला। मौके पर पहुंचे जांच अधिकारियों ने कोटेदार से जब स्टाक रजिस्टर की मांग की तो वह उपलब्ध नहीं करा सका। दीवार पर कहीं भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संबंध में वहां कोई चिन्ह अथवा दर अंकित नहीं किया गया था। पिछले कई महीनों से कोटे का खाद्यान्न खुले बाजार में ऊंचे दाम पर कालाबाजारी किया जा रहा था।



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