CAA के खिलाफ दिल्ली में लोगों का प्रदर्शन, पत्थरबाजी के बाद छोड़े गए आंसूगैस

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौजपुर में पत्थरबाजी हुई है । मौजपुर जाफराबाद के नजदीक है जहां संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं । जाफराबाद में हो रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ मौजपुर में प्रदर्शन हो रहे हैं । बताया जा रहा है कि सीएए के समर्थक और विरोधियों के बीच पत्थरबाजी हुई है ।

पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है । पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े । संयुक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी रेंज) आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस पर भी पथराव किया गया, स्थिति नियंत्रण में है पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और फ्लैग मार्च कर रहे हैं । बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटना दिसंबर के महीने में देखने को मिली थी ।

इलाके में पत्थरबाजी की घटना को देखते हुए मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है. जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के निकट सैंकड़ों सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सीलमपुर, मौजपुर और यमुना विहार को जोड़ने वाली सड़क को बंद कर दिया, जिसके बाद से इलाके में तनाव है।

जाफरबाद में कानून का विरोध करने के लिए मौजूद लोगों में अधिकतर महिलाएं हैं । पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की संख्या 100 से कुछ कम थी और उन्होंने खुरेजी खास मुख्य मार्ग तक जाने वाली सड़क पर धरना दिया । उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे थे ।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘मुख्य मार्ग तक जाने वाली सड़क के एक तरफ प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया. यातायात का परिचालन जारी रहा लकिन यहां से गाड़ियों की आवाजाही की रफ्तार बहुत धीमी थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सड़क खाली करने के लिए हमने उनके साथ बातचीत कर उन्हें मनाने की भी कोशिश की। ’’ उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद कई प्रदर्शनकारी मौके से चले गये जबकि कुछ लोग अब भी संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी के खिलाफ धरने पर हैं ।

अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रदर्शन अबतक शांतिपूर्ण रहा है. हमें उम्मीद है कि वे बहुत जल्द ही सड़क को खाली कर देंगे ताकि यातायात का परिचालन सुचारू हो सके ।’’ उन्होंने बताया कि पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है ।

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में भी सीएए के खिलाफ दो महीने से अधिक समय से लोग धरना स्थल पर बैठे हैं और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है । शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए शीर्ष अदालत ने वार्ताकार नियुक्त किए हैं ।


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