भगवान राम के राज्याभिषेक से हर्षित हुई प्रजा

मनोज वर्मा ( संवाददाता )

पिपरी। स्थानीय जीआईसी पिपरी के मैदान पर आयोजित श्री राम कथा के नौवें और अंतिम दिन राजन जी महाराज ने भगवान राम के ऋषि मुक पर्वत के तरफ बढते देख सुग्रीव “आगेचाले बहुरी रघुरामा,ऋषिमूक पर्वत नियराया । ” देखकर सुग्रीव ने समझा कि बाली ने उसके वध के लिए किसी को भेजा है। तब सुग्रीव”तह रह सचिव सारेत सुग्रीवा। आवत देख अतुरुप बल सीपा” मंत्रियों से विचार के बाद हनुमान जी को यह पता लगाने भेजते हैं कि वह दोनों कौन हैं हनुमान जी भगवान श्री राम तथा सुग्रीव की मित्रता करवाते हैं भगवान राम सुग्रीव को सीता हरण के बारे में बताते हैं तथा महाराज सुग्रीव भगवान राम को आश्वासन देते हैं कि वह माता सीता को खोज निकालेंगे । सुग्रीव के कहने पर रामचंद्र जी बाली का वध करते हैं तथा सुग्रीव को राजा बनाते हैं ।सुग्रीव की आज्ञा से पूरी वानर सेना चारों दिशाओं में सीता की खोज में जाती है जहां पर समुद्र के किनारे लंका जाते समय हनुमान जी को उनके बल का जामवंत द्वारा ज्ञान कराया जाता राजन जी कहते है “जामवंत कह सुन हनुमाना!,का चुप साध रहा बलवाना”हनुमान जी लंका में जाकर माता सीता का पता लगाते हैं तथा राक्षसों का वध करते हुए पूरी लंका में आग लगा देते हैं राम जी अपनी सेना सहित लंका के समुद्र तट पर पहुंचते हैं तथा वहां शिवलिंग की पूजा करके रामेश्वरम की स्थापना करते हैं युद्ध में लक्ष्मण जी ने महा प्रतापी मेघनाथ का वध कर दिया रामचंद्र जी ने कुंभकरण एवं रावण को मारकर लंका पर विजय प्राप्त की राजन जी महाराज कहते हैं लंका विजय के बाद भगवान राम कि अयोध्या पहुंचने पर वहां दीपावली मनाई जाती है तथा धूमधाम से राज्याभिषेक वशिष्ठ मुनि द्वारा किया जाता है दैनिक यजमान शिवनारायण पाण्डेय,मनोज कुमार सिंह,पिपरी चेयरमैन दिग्गविजय सिंह रहे प्रमुख यजमान शत्रुध्न सिंह एवं गीता सिंह रहे।


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