23 साल बाद लिया जुर्म का बदला, कर दिया खलास, पढ़ें पूरी खबर

राजीव दुबे (संवाददाता)

मिर्जापुर। होमगार्ड में प्लाटून कमांडर के पोस्ट पर तैनात बहन ने भाई के साथ मिलकर हत्या की । बड़ी बात यह है कि इस घटना को 23 साल बाद अंजाम दिया गया । कहानी थोड़ी फिल्मी है । दरअसल गोरखपुर के सहजनवां से 1997 में गांव के ही एक युवक ने कंचन का किडनैप कर लिया था । 21 साल तक कंचन को इधर उधर रखा फिर छोड़ दिया । इस बीच कंचन को 2 बच्चे भी हुए । लाज के चलते वह अपने घर गोरखपुर कभी नही लौटी । इस बीच उसने किसी के मदद से इंटर और ग्रेजुएशन कर लिया । जिसके बाद उसका सेलेक्शन कौशाम्बी जनपद में होमगार्ड प्लाटून कमांडर के रूप में हो गया । 2 साल पहले उसका किसी तरह अपने परिजनों से सम्बन्ध हुआ । जिससे उसकी अपने भाई अम्बरीष से मुलाकात हुई । इस बीच में रंजिश के तहत जहां कंचन को खोजने के दौरान उसके भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी थी तो वही दूसरी तरफ 2002 में प्रमोद के भी भाई की हत्या हो गयी । जिसमें अम्बरीष आरोपी बना और जेल भी गया । इतना होने के बाद अम्बरीष अपने परिवार की बर्बादी का कारण प्रमोद को मान रहा था और बदले की आग में दोनो लोगो ने प्रमोद की हत्या कर दी । बहरहाल पुलिस ने घटना का खुलासा कर दोनो लोगो को जेल भेज दिया है ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!