पारिश्रमिक मांगने पर बिफरे जिला विद्यालय निरीक्षक, कक्ष निरीक्षिका को किया कार्य मुक्त

नीरज सिंह (संवाददाता)

सलखन । बोर्ड परीक्षा में एक कक्ष निरीक्षक को अपना मानदेय मांगना महंगा पड़ गया । दरअसल राजा बलदेव दास बिडला सोन घाटी इंटर कॉलेज पर तैनात एक शिक्षिका सुधा देवी बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा खत्म होने के समय चेकिंग करने विद्यालय पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक से परीक्षा समाप्त होने के पश्चात जिला विद्यालय निरीक्षक से 2 वर्ष से कक्ष निरीक्षक का पारिश्रमिक न मिलने की बात कह दी । बस फिर क्या जिला विद्यालय निरीक्षक को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि जिला विद्यालय निरीक्षक और उनके बाबू दोनों महिला पर बिफर पड़े एवं प्रधानाचार्य को आदेश दिया कि इनको तत्काल कार्यमुक्त कर हमें सूचित करें । जिला विद्यालय निरीक्षक के इस कृत्य से शिक्षकों में काफी आक्रोश देखा गया सभी शिक्षकों ने एक स्वर में इस कृत्य की घोर निंदा की एवं कहा कि पारिश्रमिक मांगने पर जब शिक्षिका को कार्यमुक्त कर रहे हैं तो ऐसे में किस प्रकार से विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाई जाए । ऐसे में किस प्रकार से बोर्ड की परीक्षा कराई जाए ।

सवाल यह उठता है कि बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय यदि बकाया है तो उसके भुगतान की जिम्मेदारी किसकी है और यदि कोई अपना पारिश्रमिक मांगता है तो वह दोषी कैसे है ।


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