इम्तियाज हत्याकांड : मजिस्ट्रेटी जांच में सभी आरोपी दोषी सिद्ध

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– 18 पन्ने की मजिस्ट्रेटी जाँच में हुआ खुलासा

– मुख्य आरोपियों राकेश व रवि जालान सहित सभी 14 आरोपी दोषी सिद्ध

– खनन में वर्चस्व की लड़ाई ने लिखी थी चेयरमैन इम्तियाज हत्याकांड की पटकथा

– इससे पहले इम्तियाज की हत्या के लिए मुन्ना बजरंगी से साधा गया था संपर्क

सोनभद्र । बहुचर्चित चेयरमैन इम्तियाज हत्याकांड की चल रही मजिस्ट्रेटी जांच पूरी हो गई है। इसको लेकर एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह द्वारा डीएम एस0 राजलिंगम को सौंपी गई रिपोर्ट में नामजद सहित अन्य सभी आरोपियों को दोषी पाया गया है। इससे पहले पुलिस नामजद सहित सभी आरोपियों को आरोपित मानते हुए रिपोर्ट अदालत में प्रेषित कर चुकी है। वहीं यूपी एसटीएफ और सीबीसीआईडी की टीम भी मामले की जांच में लगी हुई हैं।
बताते चलें कि 25 अक्टूबर 2018 को चोपन के ग्रेवाल पार्क में मौजूदा चोपन चेयरमैन इम्तियाज अहमद की सुबह छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मौके से झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद का कुख्यात एरिया कमांडर कश्मीर पासवान पकड़ा गया था। इसके बाद तो एक-एक कर तार जुड़ते गए। पुलिस ने जांच में पाया गया कि इम्तियाज और घटना के कुछ वर्ष तक उनके पार्टनर रहे वाराणसी के पांडेयपुर निवासी राकेश जायसवाल से खनन में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। राकेश के साथ उनके व्यवसायिक सहयोगी रवि जालान भी इम्तियाज को पछाड़ने में लगे हुए थे लेकिन इम्तियाज अपनी व्यवहार कुशलता से खनन पट्टों और खनन से जुड़ी जमीन पाने के मामले में लगातार राकेश जायसवाल खेमे को पीछे छोड़ते जा रहे थे। इसको लेकर कई बार पंचायत हुई, मुकदमेबाजी भी हुई लेकिन इम्तियाज का पलड़ा भारी रहा। थक-हार कर इम्तियाज को हटाने का निर्णय लिया और सुपारी देकर हत्या करवा दी गयी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी पता चला कि आरोपियों का जुड़ाव प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से है। इनको बैंक खाते से धनराशि स्थानांतरित करने के भी तथ्य सामने आए।

मामले में पुलिस और एसटीएफ अब तक दो नामजद सहित प्रकाश में आए कुल 14 आरोपियों में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही कर चुकी है लेकिन मुख्य आरोपी राकेश, रवि सहित तीन आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस दौरान पीड़ित परिजनों ने पुलिस जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से करवाने की माँग की थी। जिसे बाद में मंजूर करते हुए मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गयी, वहीं पीड़ित पक्ष की गुहार पर सीएम स्तर से एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। एसटीएफ की जांच में भी आरोपी पक्ष पर ही शिकंजा कसता जा रहा है। इस बीच पिछले महीने पूरी की गई मजिस्ट्रेटी जांच में भी सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए जाँच अधिकारी एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने अपनी अट्ठारह पन्ने की रिपोर्ट जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम को सौंप दी है। इस दौरान लोगों के दर्ज दिए गए बयान में इम्तियाज और राकेश के बीच खनन में वर्चस्व को लेकर तनाव काफी बढ़ने की बात तो बताई ही गई है। 25 अक्टूबर 2018 के पूर्व इम्तियाज की हत्या के लिए मुन्ना बजरंगी से संपर्क साधने, कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर किसी तरह मामला सलटाने के भी खुलासा हुआ हैं। इन सारी चीजों का उल्लेख करते हुए एडीएम के यहां से डीएम को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि राकेश जायसवाल, रवि जालान सहित अन्य अभियुक्त दोषी पाए जाते हैं।


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