जानें,शुभ कार्य आदि की योजना के लिए खास हैं यह महीना,तीन मार्च से लग रहे हैं होलाष्टक

होली से पहले अगर आप शुभ कार्य आदि की योजना बना रहे हैं तो यह महीना बहुत महत्वपूर्ण है। इस महीने में शुभ कार्यों को जरूर निपटा लें। वहीं फरवरी का आखिरी सहालग 28 फरवरी को होगा। तीन मार्च से होलाष्टक की शुरुआत हो रही है। होली से पहले ये आठ दिनों का समय अशुभ माना गया है। इसलिए इस अवधि में शुभ कार्य करने की मनाही होती है। नौ मार्च को गोधूलि वेला में होली दहन होगा। 10 मार्च को धुलैड़ी का त्योहार मनाया जाएगा।

क्यों होते हैं ये दिन :

ज्योतिषाचार्य डॉ. शोनू मेहरोत्रा ने बताया कि होलाष्टक के प्रथम दिन अर्थात फाल्गुन शुक्लपक्ष की अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल तथा पूर्णिमा को राहु का उग्र रूप रहता है। इस वजह से इन आठों दिन में मानव मस्तिष्क तमाम विकारों, शंकाओं और दुविधाओं आदि से घिरा रहता है, जिसकी वजह से शुरू किए गए कार्य के बनने के बजाय बिगड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को इन आठों ग्रहों की नकारात्मक शक्तियों के कमजोर होने की खुशी में लोग अबीर-गुलाल आदि छिड़ककर खुशियां मनाते हैं, जिसे होली कहते हैं।

28 को सबसे ज्यादा शादियां:

28 फरवरी तक विवाह स्थलों पर सबसे ज्यादा शादियां होंगी। 14 मार्च को सूर्य के गुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करने से फिर से एक महीने तक शहनाइयों की गूंज थम जाएगी। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने से मीन मलमास रहेगा। इस दौरान शादी ब्याह आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे।

ये रहेंगे सहालग :
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि होलिका अष्टक नौ मार्च को होलिका दहन के बाद समाप्त हो जाएंगे। होलिका अष्टक में मांगलिक कार्य वर्जित है। 25 फरवरी में फुलैरा दूज पर सर्वाधिक सहालग होंगे।

मुहूर्त:
शुभ लग्न मुहूर्त फरवरी: 16, 19, 20, 21, 25, 26, 27, 28 मार्च: 1, 11, 12 अप्रैल: 2, 15, 16, 17, 20, 23, 26, 27 मई: 3, 4, 6, 7, 10, 17, 18, 20, 22 जून: 7, 10, 11, 12, 17, 29 जुलाई: 1 नवंबर: 25, 30 दिसंबर: 1, 7, 8, 9, 10, 11



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