परीक्षा को लेकर डीआईओएस और शिक्षक संघ आमने-सामने

फ़ैयाज़ खान (संवाददाता)

फाइल फोटो

ग़ाज़ीपुर । यूपी बोर्ड परीक्षा का महायज्ञ शुरू होने से पहले ही सुर्खियो में आ गया है। एक तरफ जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओमप्रकाश राय इस बार नकलविहीन परीक्षा कराने का दावा कर रहें है तो दूसरी तरफ शिक्षक संघ के नेता बोर्ड परीक्षा के सेंटरो के निर्धारण को लेकर डीआईओएस का पोल खोल रहें है। सबसे बड़ी चर्चा यह है कि टीईटी की परीक्षा में सुर्खियो में रहने वाला एक इंटर कालेज एक बार फिर सुर्खियो में है । क्‍योंकि एसटीएफ के छापामारी में बड़ी नकल रैकेट का खुलासा हुआ। जिला प्रशासन ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए बोर्ड व शासन को पत्र भी लिखा था। अभी विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित सारे कर्मचारी जेल में है।
जिला विद्यालय कार्यालय और यूपी बोर्ड इलाहाबाद के आशीर्वाद से एक बार फिर वही इंटर कालेज यूपी बोर्ड की परीक्षा कराने के लिए कमर कस के तैयार हो गया है। माध्‍यमिक शिक्षा संघ के पूर्व अध्‍यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रो के आपत्तियो के निस्‍तारण के बाद सेंटरो का बदलने का कोई अवचित नही होता है । लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक की मेहरबानी के वजह से जब से सेंटर घोषित हुआ है तब से आज तक लगभग 63 सेंटरो को बदला गया है। अधिकांश सेंटर राजकीय सहायता प्राप्‍त विद्यालयों का सेंटर बदलकर वित्तविहीन विद्यालयो में सेंटर भेजा गया है।
श्री सिंह ने बताया कि सबसे बड़ा आश्‍चर्य इस बात का है कि एसटीएफ द्वारा जिस इंटर कालेज में नकल के रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था उसे किस आधार पर इस बार फिर से सेंटर बनाया गया है। अगर इस कालेज में सेंटर पहले से बना था तो इसको क्‍यों नही बदला गया है। इस खेल से सीएम योगी के मंशा नकलविहीन परीक्षा कराने पर पानी फिर गया है।


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