राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । सोनभद्र जनपद उत्तर प्रदेश का अत्यंत पिछड़ा एवं अंतिम जनपद है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह जनपद उत्तर प्रदेश का दूसरा बड़ा जनपद होने के बावजूद भी यहाँ उच्च शिक्षा व शोध संस्थानों का सर्वथा अभाव है। इस जिले में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति की आबादी लगभग 53% तथा पिछड़ी और सवर्ण की आबादी लगभग 45% है। यह जनपद देश के चार बड़े राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कैमूर, रोहतास, गढ़वा, कोरबा, सरगुजा और सिंगरौली जनपदों से घिरा है। सोनभद्र जनपद में उक्त जनपदों और उनसे सटे अन्य जनपदों के भी अधिसंख्य लोग शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस जनपद से होकर वाराणसी अथवा अन्य शहरों को जाते हैं। यह जनपद वन्य संपदा खनिज संपदा से संपन्न तथा ऊर्जा की राजधानी के रूप में भी प्रसिद्ध है किंतु अत्यंत खेद का विषय यह है कि इस सोनभद्र में सुव्यवस्थित उच्च शिक्षा केंद्र का अभाव है। जनपद के मात्र सुविधा संपन्न निवासी ही अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित उच्च शिक्षा के लिए सुदूर वाराणसी या अन्य शहरों में भेज पाते हैं।

इस जनपद और सीमावर्ती अन्य प्रांतों के जनपदों के अधिकांश संसाधन विहीन गरीब अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सुदूर नहीं भेज पाते हैं। इस कारण से मेधा संपन्न साधन विहीन बच्चे चाह कर भी उच्च शिक्षा से वंचित हैं ऐसी स्थिति में सोनभद्र के मुख्यालय रावर्ट्सगंज में विश्वविद्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनपद सोनभद्र के साधन विहीन मेधावी गरीब छात्र भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर निर्माण में अपना योगदान कर सके। इसके लिए हिंदू युवा वाहिनी के बैनर तले मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन आज जिलाधिकारी को सौंपा गया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी डॉ0 उपेन्द्र देव पाण्डेय, हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष विवेकानंद पाण्डेय, पूर्व विधायक तीरथराज, मनोज धर एडवोकेट, बृजेश धर एडवोकेट, कमलेश कुमार सहित हिंदू युवा वाहिनी के अनेकानेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!