कार्तिक आर्यन और सारा अली खान की फिल्म ‘Love Aaj Kal’ की समीक्षा


प्यार आसान चीज नहीं होती. ये किसी को समझ में नहीं आता और जब आ जाता है तो जरूरी नहीं है कि दुनिया रंगीन हो जाती है. दुनिया जैसी है वैसी ही रहती है, इंसान का दिमाग रंगीन होता है. और जब प्यारी की खुमारी उतरती है तो आपके सामने एक बड़ी और लम्बी जिंदगी पड़ी होती है, जिसे आपको जीना है, रोज… तब तक जब तक आप हार ना मान लो और दुनिया ना छोड़ दो.

इस बड़ी और लम्बी जिंदगी में प्यार बहुत छोटी सी लेकिन जरूरी चीज होती है. इसके एहसास को आप तब तक नहीं समझ सकते जब तक आप खुद प्यार में ना हो. और इसे दूसरों को समझा पाना उससे भी ज्यादा मुश्किल है. इम्तियाज अली वो डायरेक्टर हैं, जिन्होंने बड़े पर्दे पर ना केवल कई बेहतरीन लव स्टोरीज को जिंदा किया है बल्कि जनता को प्यार के अलग-अलग रूप और परिभाषा से भी मिलवाया है.
लेकिन अब इम्तियाज को ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने फिल्म लव आज कल बनाई, मुझे नहीं पता. लेकिन इम्तियाज का ये फेज दर्शकों को पसंद आना मुश्किल है.

फिल्म की कहानी:
लव आज कल कहानी है वीर (कार्तिक आर्यन) और जोई (सारा अली खान) की जो क्लब में मिलते हैं और फिर एक दूसरे को डेट करने लगते हैं. ये है फिल्म की मॉडर्न स्टोरी, जिसमें कई कॉम्प्लीकेशन हैं. जोई अपना करियर बनाना चाहती है, उसके पास रिश्तों के लिए टाइम नहीं है और वीर जिंदगी को ठहरकर एक-एक पल को पूरा जी लेने में विश्वास करता है.

इसी के साथ एक पुरानी प्रेमी कहानी भी चल रही है जो है रघुवेंद्र (कार्तिक आर्यन) और लीना (आरुषि शर्मा) की. ये बिल्कुल उन कहानियों जैसी है, जिसे सुनकर हमने प्यार करना सीखा है. लेकिन इसमें भी अपनी अलग परेशानियां हैं.

जोई अपने करियर और रिश्ते में बैलेंस नहीं कर पा रही और उसे अपनी जिंदगी में अभी बहुत कुछ देखना बाकी है. वहीं उनका एक दोस्त (रणदीप हुडा) उसे अपनी कहानी सुना रहा है, जिससे वो अपने रिश्ते को तोल रही है. हां यही कॉम्प्लीकेशन इस फिल्म की कहानी है. अब जोई और वीर की कहानी का क्या होगा और उस पुरानी कहानी का क्या होगा यही फिल्म में देखने वाली बात है.

फिल्म में परफॉर्मेंस:
इस फिल्म में बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर जोड़ी में से एक सारा अली खान और कार्तिक आर्यन को लिया गया है. लोगों को इन दोनों से उम्मीद तो बहुत होंगी लेकिन इन दोनों ने इस फिल्म में कुछ खास कमाल किया नहीं है. ये कहानी जोई की है तो पहले उस पर ही बात करते हैं. चुलबुली, जल्दी से बहक जाने वाली, करियर को अपना नंबर वन प्यार बनाकर रखने वाली लड़की जोई के किरदार में सारा अली खान आपको सारा कम और करीना कपूर खान ज्यादा लगेंगीं.

जोई हर बात पर परेशान रहती है. उसमें गुस्सा है, इंसिक्योरिटी है और पैशन भी है, लेकिन फिर भी उसमें कुछ ऐसा है जो आपको अच्छा नहीं लगेगा. और वो है सारा अली खान की एक्टिंग. सारा इस किरदार में जान डालने की कोशिश कर रही हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा. इसलिए वो पर्दे पर खड़ीं बस आपको तंग कर रही हैं.

यहां कार्तिक आर्यन के दो रूप देखने को मिलेंगे आपको. एक तरफ वो 90s के रघुवेन्द्र हैं और दूसरी तरफ 2020 के वीर. मुझे 2020 का वीर पसंद आया क्योंकि वैसे लोग आज के समय में कम ही मिलते हैं. 90s का रघुवेन्द्र आइडल लवर से शुरू होकर कहीं और ही पहुंच जाता है, जो अच्छा तो बिल्कुल नहीं है.

फिल्म में एक्टिंग:
अब करते हैं एक्टिंग की बात. दोनों ही किरदारों में कार्तिक आर्यन ने बहुत जगह ऐसी एक्टिंग की है जैसे वो दिमागी रूप से हिले हुए हैं. लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है उनका काम थोड़ा बेहतर होता है. हिमाचल में दिखाया गया कार्तिक आर्यन वाला सीक्वेंस अच्छा है. उनकी एक्टिंग सारा अली खान से थोड़ी बेहतर थी.

इस फिल्म से आरुषि शर्मा ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है. उनका काम अच्छा है. हालांकि उन्होंने भी ज्यादा कमाल नहीं किया है. उनके किरदार की डिमांड के हिसाब से आरुषि ने सही काम किया. फिल्म लव आज कल में एक और किरदार है, जिसे ट्रेलर में नहीं दिखाया गया था और वो है रणदीप हुडा. रणदीप वो 90s के रघुवेन्द्र का बड़ा हो चुका वर्जन हैं, जो जोई को अपनी प्रेम कहानी सुना रहा है.

फिल्म में डायरेक्शन:
इम्तियाज अली के दिमाग में ये वाली लव आज कल बनाने का जबरदस्त आईडिया जरूर आया होगा लेकिन वो इस फिल्म से कुछ नहीं कर पाए. एक हद से ज्यादा उलझी हुई कहानी, एक बैकड्रॉप में चलती कहानी और पुराने गानों के नए वर्जन निकालकर अगर फिल्में बनाई जाने लगीं तो फिर जनता को इम्तियाज अली स्टाइल का सिनेमा देखने को कैसे मिलेगा?

साल 2009 में आई लव आज कल को देखिए तो आपको बहुत कुछ फील होगा यहां आप बस पूरा समय सोचते हैं कि ये चल क्या रहा है. फिल्म अपनी स्पीड एक पकड़ती है और फिर आगे चलकर इतनी स्लो हो जाती है कि उसे झेलना मुश्किल होने लगता है. इम्तियाज अली वो डायरेक्टर हैं, जिन्होंने हमें रॉकस्टार का रणबीर कपूर दिया, जो अपने आप में अलग है. किसी को समझ नहीं आया लेकिन हर बार एक अलग, नया सा इंसान लगता है. लेकिन लव आज कल में वैसा कुछ नहीं है

इस फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है. फिल्म का म्यूजिक भी अच्छा है. हां मैं गलत और शायद जैसे गाने आपको पसंद आएंगे. बैकग्राउंड स्कोर भी ठीक है. इसमें आपको 2009 वाली लव आज कल के गाने दूरियां का नया वर्जन सुनने को मिलेगा, जो इतना बुरा भी नहीं है. लेकिन फिर भी आप थिएटर से बाहर आपका पुरानी वाली फिल्म के गाने जरूर सुनना चाहेंगे.



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