मातृ-पितृ पूजन दिवस, सम्मान पाकर भावुक हुए माता-पिता

रमेश यादव (संवाददाता)

दुद्धी । गुरुवार को म्योरपुर विकास खण्ड के लीलासीकला के राजा चंडोल इंटरमीडिएट कॉलेज में योग वेदांत सेवा समिति के तत्वावधान में मनाया गया मातृ पितृ पूजन दिवस।
सर्वप्रथम बच्चों ने माता पिता को स्वच्छ आसान पर बैठा कर स्वच्छ जल से उनका चरण धोया। फिर माता पिता को तिलक लगा कर अक्षत व पुष्प चढ़ाया। फूलों की माला पहनाकर मंत्रोच्चार के साथ आरती किया। जैसे गणेश जी ने माता पिता की प्रदक्षिणा की थी वैसे माता पिता की सात बार परिक्रमा किया। फिर माता पिता को दण्डवत प्रणाम किया और माता पिता ने खूब आशीष बरसाया। फिर सब ने मधुर प्रसाद ग्रहण किया। समिति प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2006 में पूज्य संत आसाराम जी बापू जी ने 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे की जगह मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने का आह्वान किया। और युवाधन की सुरक्षा करके सच्चा प्रेम दिवस मनाने की प्रेरणा दी है।आशाराम बापूजी की प्रेरणा से देश विदेश में समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष जनवरी माह से ही विभिन्न स्थानों पर मातृ पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
प्रधानाचार्य जयंत प्रसाद ने बताया कि वैलेंटाइन डे हमारी संस्कृति नहीं ,हमारी संस्कृति की पहचान तो भक्त पुण्डलिक और श्रवण कुमार से है जिन्होंने माता पिता की सेवा करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
सभी लोगों ने 14 फरवरी को अपने घर पर मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में शिक्षक रामलखन यादव ,कमलेश कुमार,रामशकल, कंचन देवी ,अशोक गुप्ता, ललिता आदि मौजूद रहे।

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