खनिज अन्वेषण के लिए हेलिकॉप्टर द्वारा हो रहा हवाई सर्वेक्षण

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिले के नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया कि परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के लिए राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनजीआरआई) भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के सिंगरौली, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर एवं तथा झारखण्ड के गढ़वा जिलों के आंशिक भू-भागों में हेलिकॉप्टर वाहित भू-भौतिकीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य खनिज अन्वेषण के लिए अधोस्थलीय भूवैज्ञानिक संरचनाओं के अध्ययन के लिए ऑकड़ें एकत्रित करना है। इस सर्वेक्षण में विद्युती चुम्बकीय एवं स्पैक्ट्रोमीटर उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। इन उपकरणों के कुछ भाग हेलिकॉप्टर के नीचे लटका रहता है जो कि जमीन की सतह से 60-80 मीटर की ऊॅचाई पर उड़ते हुए सर्वेक्षण करता है। संग्रहीत वैज्ञानिक ऑकड़े इन भू-भागों में खनिजों के सांद्रण को ज्ञात करने में सहायक सिद्ध होंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि “प्रयोग किये जाने वाले उपकरणों से विभिन्न तत्वों के सांद्रण, प्राकृतिक चुम्बकीय तीव्रता तथा शैलों में उपस्थित चालकता के मान का आंकलन किया जायेगा। उपरोक्त संदर्भित भू-भागों में संग्रहीत आंकड़े से खनिज अन्वेषण में मदद मिलेगी। इस प्रकार के सर्वेक्षण देश के विभिन्न भू-भागों में नियमित रूप से किये जाते हैं और इनकी उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है। हेलिकॉप्टर के नीचे लटकते हुए उपकरण से स्थानीय निवासियों के मन में चिंता एवं भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह एक सुरक्षित वैज्ञानिक उपकरण है तथा इसको हवा में उड़ने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से विमानन प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित किया गया है। यह सर्वेक्षण बहुत ही अनुभवी एवं दक्षता प्राप्त पेशेवर लोगों द्वारा किया जा रहा है।”

उक्त जानकारी सूचना विभाग के नेसार अहमद ने दी।



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