धान खरीद में अनियमितता को लेकर पूर्वांचल नवनिर्माण मंच ने किया प्रदर्शन

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । धान खरीद में अनियमितता को लेकर किसानों ने आज पूर्वांचल नवनिर्माण मंच के बैनर तले कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आज पूर्वांचल नवनिर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह से धान खरीद बंद हो गया है। जिस कारण केंद्रों पर पंद्रह से 20 दिन से किसान अपना धान रख कर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे है लेकिन उनका धान का तौल नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त साधन विहीन किसान भाड़े के ट्रैक्टर पर धान लाद कर क्रय केंद्र पर ले जाने के लिए तैयार खड़े है। उनको भाड़ा देना पड़ रहा है, इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बताया कि अभी बहुत से किसानों का धान खरीद होना बाकी है। शासन के मंशानुरूप 28 फरवरी तक धान खरीद होना था, बावजूद इसके लक्ष्य की पूर्ति दिखाकर अधिकारी धान खरीद बंद करा दिया है।

वहीं पूर्वांचल नव निर्माण मंच के अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि “जिले में क्रय लक्ष्य के सापेक्ष इस समय 125 फीसद से अधिक खरीद हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तमाम क्रय केंद्रों पर किसानों की धान लदी ट्रालियां खड़ी हैं, जिनका धान नहीं खरीदा जा रहा है। जनपद के अधिकांश क्रय केंद्रों को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गिने चुने मिलरों को ही बेच दिया गया है। जिससे बटाईदार किसान के रूप में गलत तरीके से धान खरीद कर समय से पहले कागज पर लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। कर्मचारी कल्याण निगम के तीन क्रय केंद्र हैं। तीनों क्रय केंद्रों पर कुल 66 हजार क्विटल से ज्यादा धान खरीद लिया गया है, जिसकी 90 फीसद खरीद कागज पर ही हुई है। कई किसान ऐसे हैं जिनके नाम पर एक ही दिन में तीन-तीन क्रय केंद्रों पर धान बेचा गया है और भुगतान कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।”

पूर्वांचल नवनिर्माण मंच के उपाध्यक्ष गिरीश पांडेय ने कहा कि “धान क्रय में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियाँ हो रही हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी धान क्रय केंद्र अधीक्षक की होनी चाहिए। शासन का सख्त निर्देश है कि धान क्रय केंद्र अधीक्षक प्रतिदिन का डाटा इकट्ठा करें और ये सुनिश्चित करें कि किस क्रय केंद्र पर कितना धान खरीदा गया। ऑनलाइन प्रक्रिया होने से घोटाले भी बढ़ गए हैं जैसे जिन किसानों के पास जमीन नहीं है वो बटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं तो उनके नाम पर ज्यादा घोटाला किया जाता है। यदि इसकी व्यापक पैमाने पर जाँच करायी जाती है तो निश्चित रूप से ऊपर से लेकर नीचे तक सभी जिम्मेदार अधिकारी इसमें संलिप्त पाए जायेगें। यदि जिला प्रशासन इसकी अनदेखी करता है तो पूर्वांचल नवनिर्माण मंच किसानों के हित में एक बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।”

वहीं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि “यदि एक ही धान क्रय एजेंसी के तीन धान क्रय केंद्रों पर एक ही किसान का एक ही दिन में धान खरीदा गया है तो गंभीर मामला है, मामले की जांच करायी जाएगी। जाँच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।”


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