कुंभ संक्रांति पर ये करने से मिलती हैं सफलता,करें दान होता है शुभ, इस दिन ऐसे करें पूजा

हिंदू पंचांग के अनुसार कुम्भ संक्रांति ग्यारहवें महीने की शुरुआत है। यह दिन काफी शुभ होता है और सूर्य की स्थिति की वजह से यह हर साल बदलता है। इस बार कुंभ संक्रांति 13 फरवरी को है। इस दिन दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक पर्व एक ही स्थान पर होते हैं। इनमें कुंभ मेला भी आता है। इसी वजह से कुम्भ संक्रांति हिंदुओं के लिए बहुत ही खास दिन होता है। इस दिन देवताओं का पवित्र नदियों गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, शिप्रा इत्यादि में वास होता है।

कुंभ संक्रांति के दिन अन्य सभी संक्रांति भक्तों जैसे खाद्य वस्तुओं, कपड़े और ब्राह्मणों के लिए अपनी आवश्यकताओं के सभी प्रकार के दान करने चाहिए। इस दिन गंगा नदी के पवित्र जल में स्नान करने के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। सभी भक्तों को अपने समृद्ध जीवन के लिए प्रार्थना में देवी गंगा का ध्यान करना चाहिए। जो व्यक्ति गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं वह व्यक्ति अपने पापों से मुक्त होने के लिए यमुना, गोदावरी, और शिप्रा जैसी नदियों में स्नान के लिए जा सकते हैं।

बेहद प्राचीन हैं कुंभ संक्रांति:

राजा हर्षवर्धन के शासन काल में भगवद पुराण में भी कुम्भ मेले की अवधि के दौरान कुम्भ संक्रांति का उल्लेख आता है सभी भक्त कुम्भ संक्रांति के दिन गंगा एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।

यह होती है संक्रांति :
ज्योतिष के अनुसार सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में संक्रमण करने को संक्रांति कहते हैं। एक वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं जिसमें से केवल चार संक्रांति ही महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, तुला, कर्क और मकर संक्रांति प्रमुख हैं। मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होने लगता है। प्रत्येक संक्रांति का अपना अलग ही महत्व होता है। वारयुक्त और नक्षत्रयुक्त संक्रांति का अलग-अलग फल भी होता है।

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य देव की उपासना, उन्हें अर्घ्य देना और आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है।

कुंभ संक्रांति पर ये करने से मिलती सफलता:

‘ इस शुभ दिन सूर्य भगवान की विधि-विधान से पूजा करने पर उस घर-परिवार में किसी भी सदस्य के ऊपर कोई मुसीबत या रोग नहीं आता है। साथ ही भगवान आदित्य के आशीर्वाद से जीवन के अनेक दोष भी दूर हो जाते हैं। इससे प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है।

‘ इस दिन खाद्य वस्तुओं, वस्त्रों और गरीबों को दान देने से दोगुना पुण्य मिलता है। इस दिन दान करने से अंत काल में उत्तम धाम की प्राप्ति होती है। इस उपाय से जीवन के अनेक दोष भी समाप्त हो जाते हैं।

‘ मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन सुख-समृद्धि पाने के लिए मां गंगा का ध्यान करें। अगर आप कुंभ संक्रांति के अवसर पर गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो आप यमुना, गोदावरी या अन्य किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

‘ अगर इस शुभ दिन पर सूर्यदेव के बीज मंत्र का जाप किया जाए तो मनुष्य को अपने दुखों से छुटकारा शीघ्र मिल जाता है।


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