जिलाधिकारी के हाथ लगाते ही उखड़ गयीं ईंट

फ़ैयाज़ खान (संवाददाता)

गाजीपुर । गाजीपुर कासिमाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नगवा में निर्माणाधीन स्थाई गो-आश्रय स्थल का जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रय स्थल में 10 दिन पहले बनाए गए पशुओं के चरन को हाथ लगाते ही उसकी ईंट उखड़ गई, इस पर जिलाधिकारी भड़क गए और उन्होंने तुरंत निर्माण सामग्री का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने को कहा। साथ ही संबंधित कार्यदाई संस्था यूपीआरएनएसएस के जेई अनिल कुमार यादव के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डीएम ने तीन सेट में लगे पीलर को कटवा कर जांच की जिसमें मानक से कम सरिया पाया गया। यही नहीं भवन निर्माण में मोरंग की जगह सफेद बालू का प्रयोग किया गया था। डीएम ने घटिया निर्माण सामग्री व ईंट को बदलने का निर्देश दिया। कहा कि जहां भी घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है उसे तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाए। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कार्यदाई संस्था के एई एके पांडेय के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपजिलाधिकारी मंसाराम वर्मा को भी समय-समय पर आकर आश्रय स्थल जांच करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस आश्रय स्थल का निर्माण एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है जिसमें 250 से 350 तक पशु रह सकते हैं। कहा कि मार्च तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और अप्रैल महीने में पशु रहने लगेंगे। दो और स्थाई पशु आश्रय स्थल का प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी दी कि जो किसान अपने पशुओं को खुला छोड़ेंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी मंसाराम वर्मा, आरइएस के एई दिलीप कुमार शुक्ला, सर्वजीत गुप्ता, कोतवाली प्रभारी कासिमाबाद अनिल कुमार पांडेय आदि थे।



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