ठटरा बालू खनन साइड पर प्रशासन की छापेमारी, आखिर अब तक किसके इशारे पर चल रही थी व्यवस्था

रविंद्र नाथ पाठक (संवाददाता)

जुगैल । शिकायत के बाद आखिर प्रशासन की कुम्भकर्णीय नींद टूटी। अभी डीएम और एसपी के ठटरा बालू खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद आज जिला प्रशासन की टीम ने जुगैल थाना क्षेत्र अंतर्गत यूपी बॉर्डर पर मध्य प्रदेश में ठटरा ग्राम पंचायत बालू खनन के लीज पर औचक निरीक्षण किया । निरीक्षण करने वाली टीम में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, घोरावल उप जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश, वरिष्ठ खान अधिकारी के के राय, ओबरा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिह, जुगैल थाना इंस्पेक्टर रमेश बुद्ध सेनी, हाथीनाला थाना प्रभारी विनोद सिह मौजूद रहे ।

जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात कर जानकारी हासिल की । जिसके बाद अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित बालू खनन ठेकेदार को सख्त हिदायत दिया कि अपना पूरा कागजात कम्प्लीट कर अपने जिलाधिकारी द्वारा अनुमति लेकर तथा बार्डर के सीमांकन कराने के बाद ही खनन की कार्यवाही करे । अधिकारियों ने सख्त निर्देश किया कि आदेश का अनुपालन न करने पर संबंधित पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी । टीम ने अवैध परिवहन को रोकने के लिए कुरारी चोपन मार्ग पर बैरियर लगाने की बात भी कही । जिससे अवैध खनन और ओवर लोड गाड़ियों को रोका जा सके। अधिकारियों ने जुगैल थाना प्रभारी को अवैध खनन करने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने की हिदायत भी दी । इतना हीनहीं ग्रामीणों से मिली शिकायत के आधार पर उतर प्रदेश क्षितिकपुरवा घाट पर रात में खनन करने वालो पर भी कार्यवाही करने को भी कहा गया ।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिले में यदि अवैध खनन चल रहा था तो प्रशासन को आखिर खबर क्यों नहीं मिल पाई । क्या जिला प्रशासन की खुफिया तंत्र कमजोर हो गयी है । यदि खुफिया तंत्र ने अपनी रिपोर्ट दी है तो उस पर इतने दिनों तक कार्यवाही क्यों नही हुई । वहीं आज की कार्यवाही के बाद पुलिस पर भी सवाल खड़ा हो गया कि यदि जुगैल थाना क्षेत्र में अवैध खनन चल रहा था तो जुगैल पुलिस ने कितनी बार इसकी सूचना दी । जबकि अवैध खनन को लेकर जुगैल इलाके में ग्रामीण कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं ।

बहरहाल जिस तरीके से कई थानों की पुलिस टीम के साथ जिला प्रशासन आज छापेमारी की है, ऐसे में यह कहा जा सकता है कि खनन करने वाले निश्चित तौर पर काफी ताकतवर हैं । अब देखने वही बात यह है कि इस छापेमारी के बाद इसका असर कितने दिनों तक रहता है ।

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