प्रभु के प्रति शंका ही पतन का कारण है।

विनोद धर (संवाददाता)

सोनभद्र| “शंका ही पतन का कारण” उरमौरा स्थित के०के० सिंह के प्रांगण में चल रही शतचंडी महायज्ञ के पंचम दिवस पर यज्ञाचार्य डॉ शशि कुमार पाठक ने कहा कि प्रभु के प्रति शंका ही पतन का कारण होता है। उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि सती को प्रभु पर संदेह हो गया। उन्होंने अपने पति के बात को भी नहीं माना, परिणाम स्वरुप शिव का साथ छोड़ना पड़ा। इस अवसर पर “मानस हंस’ श्याम बली पाठक” ने कहा तन मन और धन की शुद्धि किस प्रकार हो और इसका क्या उद्देश्य तथा वंदना की विस्तृत व्याख्या मानस की चौपाइयों का उदाहरण देकर श्रोताओं को सुनाया। यज्ञ के सहयोगी ब्राह्मण- राजन तिवारी, यज्ञनारायण द्विवेदी, अनुज धर द्विवेदी, मृत्युंजय पाठक, भोलेनाथ मिश्रा ,दिनेश पाठक, देवेंद्र पाठक, दुदुन्धर द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
संयोजक शुभम सिंह ने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति एवं भंडारा 3/02 /2020 दिन सोमवार को होगी।



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