जामिया फायरिंग मामले में पुलिस ने धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया

दिल्ली के जामिया में फायरिंग करने वाले नाबालिग के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है । साथ ही इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है । इससे पहले दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन ने आरोपी नाबालिग की गोली से घायल हुए छात्र शादाब से एम्स में मुलाकात की ।

उन्होंने बताया कि छात्र के हाथ में लगी गोली निकाल ली गई है । पीड़ित छात्र शादाब की हालत स्थिर है । एक सवाल के जवाब में रंजन ने कहा कि हमलावर के नाबालिग होने की जांच की जा रही है । आपको बता दें कि गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर एक नाबालिग ने फायरिंग की थी । इस दौरान छात्र शादाब के हाथ में गोली लग गई थी । वह जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में मास कम्युनिकेशन का छात्र है ।

आरोपी नाबालिग ने उस समय प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जब वो सीएए और एनआरसी के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया से राजघाट तक मार्च निकालने वाले थे। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान दिल्ली पुलिस हाथ बांधे तब तक खड़ी रही, जब तक आरोपी नाबालिग ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग नहीं कर दी । हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने उसको मौके से ही दबोच लिया ।

जिस नाबालिग ने पुलिस की मौजूदगी में गोली चलाई वो ग्रेटर नोएडा के करीब जेवर का रहने वाला है । उसने फेसबुक पर जामिया में फायरिंग की घटना की जानकारी पहले से ही देनी शुरू कर दी थी । यहां तक कि फेसबुक लाइव पर भी वो आया। फेसबुक पर उसने शाहीन बाग का भी जिक्र किया । एक जगह उसने फेसबुक पर यह भी लिखा था कि आज की घटना के बाद शायद वो जिंदा ना बच पाए । लिहाजा उसके मरने के बाद उसके घर वालों का ख्याल रखा जाए । जामिया में फायरिंग के बाद फेसबुक ने आरोपी नाबालिग का अकाउंट डिलीट कर दिया है ।


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