बसंत पंचमी पर गायत्री शक्ति पीठ बहेरी में संस्कार कार्यक्रम हुआ संपन्न

कुलदीप यादव (संवाददाता)

कमालपुर । बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में गायत्री शक्ति पीठ बहेरी में विभिन्न प्रकार के संस्कार संपन्न हुआ। इस मौके पर सैकड़ों लोगों ने अमृतासन का प्रसाद ग्रहण किया। बृजराज चौबे ने बताया कि सुबह आठ बजे से नौ बजे तक अखंड जप तथा मुख्य कार्यक्रम सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक चला। बसंत पंचमी का हिन्दू धर्म में खास महत्व है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी सरस्वती माता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। सरस्वती विद्या की देवी हैं।

इसके अलावा गायत्री परिवार में बसंत पर्व का अलग महत्व है। पंद्रह वर्ष की आयु में वसंत पंचमी की वेला में सन् 1926 में पं• राम शर्मा आचार्य के घर की पूजास्थली में, जो उनकी नियमित उपासना का तब से आधार थी, जब से पं.मदनमोहन मालवीय ने उन्हें काशी में गायत्री मंत्र की दीक्षा दी थी। अदृश्य छायाधारी सूक्ष्म रूप में वहीं उनकी गुरुसत्ता का आगमन हुआ। उनने प्रज्ज्वलित दीपक की लौ में से स्वयं को प्रकट कर उन्हें उनके द्वारा विगत कई जन्मों में सम्पन्न क्रिया-कलापों का दिग्दर्शन कराया तथा उन्हें बताया कि वे दुर्गम हिमालय से आये हैं एवं उनसे अनेकानेक ऐसे क्रियाकलाप कराना चाहते हैं, जो अवतारी स्तर की ऋषिसत्ताएँ उनसे अपेक्षा रखती हैं।

इस मौके पर बहेरी, असवरिया, कमालपुर, सिलौटा, एवती आदि गाँवों के सैकड़ों परिजनों ने यज्ञ में भाग लिया। इस अवसर पर डा० विनोद, राधेश्याम सेठ, रामप्रसाद, कान्ति उपाध्याय, सुमन उपाध्याय, स्वाति, जयन्त सिंह, सत्य प्रकाश, अरविंद अग्रहरी आदि परिजन उपस्थित थे।


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