गणतंत्र दिवस वह दिन है जो हमें सिखाता हैं कि हम हैं भारतीय

गणतंत्र दिवस वह दिन है जो हमें सिखाता हैं कि हम भारतीय हैं। हमारे देश का संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में संविधान तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया। भारतीय संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया और 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ।

भारतीय संविधान की दो प्रतियां हैं। एक अंग्रेजी और एक हिंदी में। भारत के संविधान की दोनों प्रतियां हस्तलिखित हैं। भारतीय संविधान में 22 लेख और 12 अनुसूचियों में विभाजित 444 लेख हैं। 26 जनवरी 1950 से पहले भारत के पास अपना कानून नहीं था और भारत की विधि व्यवस्था ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट के आधार पर चलाई गई। भारतीय संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति पर 24 जनवरी 1950 को कुल 308 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान निर्माण में कुल 22 समितियां थी। इसमें प्रारूप समिति सबसे महत्त्वपूर्ण समिति थी। 1955 से गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन राजपथ पर शुरू किया गया, तब राजपथ को किंग्सवे नाम से जाना जाता था। मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 26 जनवरी 1963 को घोषित किया गया था। गणतंत्र दिवस पर शौर्य प्रदर्शन के पीछे 600 घंटों की कड़ी मेहनत होती है। गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी भारतीय सेना की सात तोपों द्वारा दी जाती है, जिन्हें पौन्डर्स कहा जाता है। प्रत्येक तोप से तीन राउंड फायरिंग होती है। ये तोपें 1941 में बनी थीं और सेना के सभी औपचारिक कार्यक्रमों में इन्हें शामिल करने की परंपरा है। परेड में शामिल सभी झांकियां 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं। गणतंत्र दिवस आयोजन की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की होती है।


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