जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक सम्पन्न

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । “जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की नियमित बैठकें कराकर ग्राम स्तर व तहसील स्तरों से संस्तुति के साथ प्रस्तुत होने वाले वनाधिकार के मामलों को नियमानुसार निस्तारित किया जाय और पात्रों को उनका हक दिलाया जाय। जिला समाज कल्याण अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ वन विभाग, राजस्व विभाग के संस्तुतियों का परीक्षण कर समिति के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत कर पात्रों को उनका हक दिलायें।”
उक्त निर्देश जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक में सम्बन्धितों को दियें। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधि0-2006 एवं वन नियमावली-2008 संशोधन नियम-2012 के अनुरूप नियमानुसार प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पात्रों को उनका हक दिलाया जाय। जो व्यक्ति देखने में पात्र हैं और उसने कम पढ़े-लिखे होने या किसी अन्य परिस्थितियों में अपने जमीनी कब्जें का रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा सकता है। मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए राजस्व रिकार्ड, ग्राम पंचायत के रिकार्ड, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के रिकार्ड, निर्वाचन के रिकार्ड आदि को राजस्व विभाग व वन विभाग के कार्मिक सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर सूची से मिलान करायें। रिकार्डों में उसके सबूत मिलने पर उसके दावों में उस सबूत को शामिल करते हुए तत्परता के साथ ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति व तहसील स्तरीय वनाधिकार समिति के संस्तुति के साथ जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, प्रभागीय वनाधिकारियों के साथ ही वन व राजस्व विभाग के अधिकारियों को दायित्वबोध कराते हुए कहा कि नियमानुसार वनाधिकार का हक पात्रों को दिलाया जाय। जिला स्तरीय वनाधिकार समिति में तीनों तहसीलों के वनाधिकार के दावें प्रस्तुत हुए, जिसमें 148 वनाधिकार के दावें सर्वसम्मति से स्वीकार किये गए। वनाधिकार के बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलावा प्रभागीय वनाधिकारीगण, उप जिलाधिकारीगण, तहसीलदारगण, वन व राजस्व विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें।


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