शिक्षक संघ बभनी को झटका, स्कूल बंदी का मिलाजुला असर, कुछ ने किया समर्थन तो कुछ नें किया बहिष्कार

ख्वाजा खान (बभनी)

शिक्षक संघ द्वारा सामूहिक अवकाश कर विद्यालयों में ताला बंदी के ऐलान का आज बभनी खण्ड शिक्षा क्षेत्र में मिला जुला असर दिखाई दिया तो वहीं शिक्षक संघ बभनी के संगठन में दो फाट दिखाई दिया कुछ .अध्यापक संघ के ऐलान क़ो अक्षर सः पालन करते हुए अवकाश लेकर स्कूल से दूर रहे वहीं कुछ अध्यापक पूरी तरह अपनें ड्यूटी में स्कूल पे तैनात रहे अध्यापकों के दो फाट होनें का लाभ आज पूरी तरह खण्ड शिक्षा क्षेत्र बभनी में शिक्षा विभाग क़ो मिलता नज़र आया इस बात से इनकार नहीं किया जासकता है की अगर शिक्षकों के संगठन में एकता होती तो क्षेत्र की तस्वीर कुछ और नज़र आती आज जहां गिने चुने विद्यालयों पे सामूहिक अवकाश व ताला बंदी का असर दिखाई दिया अगर संगठन में एकता होती तो शिक्षा मित्र व अनुदेशक विहीन विद्यालयों में पूरी तरह ताला लटकता दिखाई देता । जैसे बचरा , डुमरहर , नेतियान टोला , अंग्रेजी माध्यम स्कूल चक चपकी , स्कूलों में पूरी बंदी नज़र आती लेकिन अध्यापकों के आपसी मतभेद की वजह से उपरोक्त सभी स्कूलों में पठन पाठन सुचारू रूप से चल रहा था । वहीं कुछ विद्यालयों में जैसे प्राo.वि पुनर्वास हथियार व गौहान टोला में बच्चे तो नज़र आए लेकिन अध्यापक नदारत थे तो रसोइयां के देख रेख में बच्चे खेलते व
बेठे नज़र आये ।

शिक्षामित्रों की दिखी वफादारी

आज जिन स्कूलों में अध्यापक नदारत थे वहां शिक्षा मित्र व अनुदेशक पूरी जिम्मेदारी के साथ स्कूल में उपस्थित रहते हुए पठन पाठन क़ो प्रभावित नहीं होने दिया । खण्ड शिक्षाधिकारी आलोक कुमार यादव से बात की गई तो उन्होनें बताया की बभनी में टोटल 115प्रा विद्यालय व 42उच्च प्रा .विद्यालय है जिसमें टोटल अध्यापकों की संख्या लगभग 225कार्यरत है जिसमें क़रीब 100 अध्यापकों नें आकस्मिक अवकाश लिया था ।
कुम मिला कर देखा जाए तो अध्यापकों का ताला बंदी का प्रोग्राम पूरी फेल होता नज़र आया । शिक्षक संघ द्वारा प्रेरणा ऐप व पुरानी पेंशन बहाली सहित मांग के समर्थन में बभनी में असर नहीं के बराबर रहा ।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!