जो लोग थायराइड की समस्याओं से हैं पीड़ित,जानें 10 घरेलू उपचार

तितली के आकार की थायरॉयड ग्रंथि शरीर की अधिकांश मेटाबॉलिक प्रोसेस को नियंत्रित करती है। थर्मोरेग्यूलेशन, हार्मोनल फंक्शन और वजन का नियंत्रण इस ग्रंथि के कुछ महत्वपूर्ण कार्य हैं। जो लोग थायराइड की समस्याओं से पीड़ित हैं, वे इस समस्या से निपटने के लिए घरेलू उपचार का सहारा ले सकते हैं।

www.myUpchar.com के डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि थायराइड ग्रंथि के ज्यादा या कम मात्रा में हार्मोन बनने पर थायराइड की समस्या पैदा होती है। वैश्विक स्तर पर पुरुषों से ज्यादा महिलाएं इस बीमारी से जूझती हैं। यहां कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं जो थायराइड की समस्याओं को कम करने के लिए फायदेमंद हैं।

नारियल का तेल :
नारियल के तेल में फैटी एसिड होते हैं जो थायरायड ग्रंथि के सही कामकाज में मदद करते हैं। नारियल तेल का संतुलित उपयोग वजन कम करने में मदद करता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और शरीर के तापमान को संतुलित करता है।

एपल साइडर विनेगर :
यह हार्मोन के संतुलित उत्पादन में मदद करता है। शरीर के वसा को रेग्युलेट करने, शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायक है। इसे शहद और पानी में मिलाकर लिया जा सकता है।

अदरक :
अदरक पौटेशियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों में समृद्ध है और इन्फ्लेमेशन से निपटने में मदद करता है। अदरक की चाय लेना सबसे आसान है।

विटामिन बी :
थायराइड की समस्याओं के कारणों से लड़ने में विटामिन मदद करते हैं। थायराइड फंक्शन के लिए बी फैमिली के विटामिन जरूरी हैं। विटामिन बी 12 हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों की मदद करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। रोजाना अंडे, मांस, मछली, फलियां, दूध और अखरोट शामिल करना, विटामिन बी की स्थिर आपूर्ति के साथ मदद कर सकता है।

विटामिन डी :
विटामिन डी की कमी से थायराइड की समस्या हो सकती है। शरीर इसे केवल सूरज के संपर्क में आने पर ही पा सकता है, इसलिए रोजाना 15 मिनट धूप लें। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता भी बेहतर होगी। कुछ खाद्य पदार्थ जो विटामिन डी से भरपूर होते हैं, वे हैं डेयरी उत्पाद, तिल, संतरे का रस और अंडे की जर्दी। यदि शरीर में विटामिन डी का स्तर बहुत कम है, तो सप्लीमेंट्स आवश्यक होगा।

बादाम :
थायराइड के स्वास्थ्य लिए बादाम सबसे उपयुक्त हैं। यह प्रोटीन, फाइबर और खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। बादाम में सेलेनियम होता है जो थायराइड हेल्दी न्यूट्रिएंट है। यह मैग्नीशियम में भी बहुत समृद्ध है जो थायरायड ग्रंथि को आराम से काम करने में मदद कर सकता है।

दूध और इससे बने पदार्थ :
दूध, पनीर और दही थायराइड के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं क्योंकि ये आयोडीन में हाई होते हैं जो थायराइड के सही तरह से काम के लिए आवश्यक है। यह विटामिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करेंगे।

बीन्स :
बीन्स फाइबर, प्रोटीन, आवश्यक खनिज और विटामिन से भरपूर होते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट और जटिल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। फाइबर अधिक होने से यह कब्ज से निपटने में मदद करता है जो हाइपोथायरायडिज्म का एक आम दुष्प्रभाव है।

अलसी का बीज :
अलसी का बीज अच्छे फैटी एसिड से भरपूर होते हैं जो दिल और थायरायड के लिए अच्छे होते हैं। मैग्नीशियम और विटामिन बी 12 से भरपूर, अलसी का बीज हाइपोथायरायडिज्म से लड़ते हैं।

नियमित व्यायाम :
थायराइड फंक्शनिंग को अच्छा बनाए रखने के सबसे महत्वपूर्ण है नियमित व्यायाम। दवाएं और प्राकृतिक उपचार ठीक हैं, लेकिन इसे उचित व्यायाम के साथ जोड़ा जाना चाहिए। नियमित व्यायाम हार्मोनल संतुलन में मदद करता है और बेहतर वजन के नियंत्रण में काम आता है जो थायराइड की समस्याओं से निपटने में मदद करता है।


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