JNU में तोड़फोड़ की घटना पर प्रशासन ने सख्त, रजिस्ट्रार बोले- चिह्नित छात्रों से होगी भरपाई

पांच जनवरी को JNU में हुई तोड़फोड़ की घटना पर प्रशासन ने सख्त रुख जाहिर किया है । जेएनयू रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने कहा कि जो छात्र चिह्नित होंगे, वहीं तोड़फोड़ की भरपाई करेंगे।

रजिस्ट्रार ने कहा कि इस घटना से बहुत नुकसान हुआ है, इसका सही अंदाजा प्रॉक्टोरियल जांच के बाद लग पाएगा । जो छात्र हिंसा की घटना में चिह्नित होंगे, उन्हीं से इसका खर्च वसूला जाएगा । उन्होंने कहा कि पांच जनवरी को घटना हुई है, वो उसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि ये अप्रत्याशित घटना हुई।

पिछले 80 दिनों से आंदोलन चल रहा था । उन्होंने बताया कि 20-25 शिकायतें पुलिस को दी गई हैं । जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष पर दर्ज एफआईआर पर उन्होंने कहा कि उन्हें ये नहीं पता कि आइशी पर किस मामले में एफआईआर हुई है। साथ ही कहा कि कोई आपराधिक कृत्य करता है तभी शिकायत होती है।

कैंपस में बाहर के लोगों के प्रवेश पर उन्होंने कहा कि इसको नकारा नहीं जा सकता है, हो भी सकता है । उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्राल ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है । नकाबपोश लोगों के बारे में कहा कि अगर कोई नकाबपोश है तो ये पहचान नहीं की जा सकती कि वो जेएनयू से है या नहीं है ।

बता दें कि पांच जनवरी की शाम दिल्ली में JNU में तोड़फोड़ और हिंसा का मामला सामने आया. जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने दावा किया था कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने हिंसा की इस घटना को अंजाम दिया है । जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष आइशी घोष पर भी हमला किया गया । इस हमले में आइशी घोष के सिर में गंभीर चोटें आईं । हमले में 20 से अधिक छात्रों के घायल होने की खबर है ।

इस मामले में रविवार पांच जनवरी की देर रात दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर हंगामा कर रहे छात्रों और शिक्षकों से पुलिस अधिकारियों ने मीटिंग की । इसके बाद छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल छात्रों और शिक्षकों से मिलने की इजाजत दी गई । वहीं इस मामले में एबीवीपी ने लेफ्ट संगठनों पर हिंसा व तोड़फोड़ का आरोप लगाया था ।


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