फैक्ट चेक : जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी रात ठंड में बाहर सोते मिले लोग, अलाव व चादर ही सहारा

आनन्द कुमार चौबे/अंशु खत्री (संवाददाता)

– नगर पंचायत के उदासीन रवैये से भीषण ठण्ड में बाहर सोने को मजबूर गरीब

जनपद न्यूज़ live की पड़ताल में सामने आयी हकीकत

– जिलाधिकारी ने गरीबों के बाहर सोने पर ईओ की तय की थी जिम्मेदारी और दिए थे सख्त निर्देश

सोनभद्र । सोमवार को जिलाधिकारी एस0राजलिंगम ने रैन बसेरा का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्था को परखा, जिसके बाद वे संतुष्ट नजर आए। मगर जिलाधिकारी को पता था कि सदर में व्यवस्था भले ही दुरुस्त दिखाई दे रही हो मगर दूरदराज इलाकों में कमियाँ हो सकती हैं जो उनके पहुँच से दूर हो। इसलिए जिलाधिकारी ने यह कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाहर सोता हुआ पाया गया तो उस पंचायत क्षेत्र के ईओ जिम्मेदार होंगे।

जिलाधिकारी के इसी आदेश का फैक्ट चेक करने जनपद न्यूज Live की टीम देर रात चुर्क पहुँची। जहां सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। कोहरे की चादर इस कदर छाई थी कि कुछ दूर तक का देख पाना मुश्किल था। इसी बीच टीम झूलनटाली के पास पहुँची, जहाँ एक दुकान के बाहर एक व्यक्ति चादर लपेटे बैठा मिला। पूछने पर बताया कि उसका कोई नहीं है और न उसका अपना कोई घर है। इसलिए दुकान के बाहर सोने को मिल गया तो यहीं रात गुजार लेता हूँ । सोमवार को 0.8 डिग्री टेम्प्रेचर में जहां लोग घरों से बमुश्किल निकले रहे थे वहीं यह शख्स एक पतली सी चादर लपेटे कभी आग के पास तो कभी अपने स्थान पर विचरण करता रहा। पूछने पर बताया कि कम्बल भी नहीं मिला है, नगर पंचायत कार्यालय जाने पर कोई सुनवाई भी नहीं होती इसलिए नहीं जाते। उसने बताया कि आधी रात तक आग जलाकर काट देते है और फिर शरीर गर्म होने पर चादर लपेट कर यहीं रात गुजार देता हूँ।

यह हाल अकेले सत्यनारायण का ही नहीं है, मनोज का भी कोई नहीं है वह भी एक मेडिकल दुकान के बाहर सोता है । मनोज का कहना है कि नगर पंचायत में कम्बल के लिए गया था लेकिन कोई नहीं सुनवाई नहीं हुई, आवास के लिए कहा गया कि आएगा तो मिलेगा। ऐसे में दिन भर इधर उधर घूम कर कट जाता है, मगर रात दुकान बंद होने पर यहीं आकर आराम कर लेता हूँ। ठंड को लेकर मनोज का कहना है कि साहेब गरीबों को कहां ठंड लगती है, एक चादर और आग के सहारे रात किसी तरह गुजर जाती है।

“बहरहाल जिलाधिकारी के फरमान के बाद चुर्क का यह मामला तो एक बानगी मात्र है, जिले में अभी भी बहुतेरे ऐसे गरीब लोग होंगे जो कड़कड़ाती ठंड में भी बाहर सोने को मजबूर हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जिलाधिकारी इस पूरे मामले में क्या कार्यवाही करते हैं।”


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