यदि रात में कोई नागरिक बाहर सोता पाया गया तो ईओ होंगे जिम्मेदार : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । “राबर्ट्सगंज शहर में बनाये गये 50 बेड के रैन बसेरे के पूरी क्षमता का इस्तेमाल होना चाहिए। जब किसी भी मुसाफिर या आगन्तुक को रैन बसेरा निःशुल्क मुहैया है, तो हर हाल में इसका फायदा नागरिकों को मिलना चाहिए। शहर के बीचों बीच स्थापित रैन बसेरा राबर्ट्सगंज आम नागरिक के लिए निःशुल्क रूप से उपलब्ध है, लिहाजा इसकी पूरी क्षमता के उपयोग के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय। बाहर से आने वाले आम नागरिकों के निःशुल्क मुहैया है। जाड़े के दिनों मे कोई भी नागरिक खुले आसमान के नीचे रात में सोता हुआ पाये जाने पर राबर्ट्सगंज के अधिशासी अधिकारी के साथ ही अन्य सम्बन्धितों की जिम्मेदारी तय की जायेगी, लिहाजा नगर पालिका के अधिकारी व कार्मिकगण रातों में भ्रमण कर, फुटपाथ या रेलवे स्टेशन या खुले आसमान में कहीं भी बेसहारा गरीब आदमी को पाये तो सीधा रैन बसेरा में लायें और रैब बसेरा में किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी है। आने वालों के सिर्फ अपने साथ पहचान के रूप में आधार को लाना होगा।”
उक्त निर्देश जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने बढ़ रही ठण्ड को देखते हुए राबर्ट्सगंज शहर में कोई नागरिक रात को आसमान के नीचे किसी हाल में न सोने पायें, यह सुनिश्चित करने के लिए राबर्ट्सगंज शहर, नगर पालिका के निकट स्थापित 50 बेड का रैन बसेरा का निरीक्षण किया और रैन बसेरा में सभी अनुमन्य सुविधाएं जैसे, बेड, गद्दा, कम्बल, शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था मुकम्मल तरीके से आने वाले लोगों को निःशुल्क मुहैया कराने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने रैन बसेरा परिसर में साफ-सफाई व अन्य संसाधनों को पाये जाने पर मौके पर मौजूद अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि वे शहर के चारों तरफ यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति जाड़े के मौसम में रात में खुले आसमान के नीचे न सोने पायें और कोई व्यक्ति बेसहारा या जानकारी के बिना खुले आसमान के नीचे या शहर के अन्य स्थानों पर बेसहारा के रूप में सोता हुआ पाया जायेगा, तो प्रेरित करके रैन बसेरा में लाकर रोका जाय और उसे बेड, कम्बल आदि मुहैया कराया जाय।


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