ग्रामीणों की माँग पशुओं के चारे के लिए प्रशासन करे सहयोग

गनेश पाल (संवाददाता)

पड़री । सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के प्रत्येक गाँव में आवारा पशुओं के लिए अस्थायी गौशाला निर्माण का फरमान तो जारी कर दिया लेकिन स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस फरमान को अमल में नहीं लाया जा सका है। वहीं मिर्जापुर अंतर्गत विकास खंड राजगढ़ के लहौरा गाँव के ग्रामीणों ने अधिकारियों को आईना दिखाते हुए गाँव में ही पेड़ की छाँव में झाड़ झंकार का घेरा बनाकर आवारा पशुओं को लगभग दस दिन से रखा जा रहा है। गांव के ही बच्चन, वकील सिंह, बशंधारी समेत अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से पशुओं के लिए चारे-पानी का प्रबंध करने को कहा तो ग्राम प्रधान ने बजट का हवाला देते हुए साफ इंकार कर दिया। बताते चलें कि अब तक गाँव के ही बच्चन पुत्र स्व0 सरजू आवारा पशुओं कि देख-रेख और चारे का प्रबंध कर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने भी अपने हाँथ खड़े कर दिए हैं जिससे पशुओं के भूखों मरने की नौबत आ गयी है।

बच्चन ने बताया कि “आमदनी का स्रोत न होने की वजह से लाचार हो गया हुँ और मैं इन बेजुबानों के मौत की वजह नहीं बन सकता।”

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रामचंद्र राम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “मैंने ग्राम प्रधान से चारा के लिए कह दिया हुँ आप ग्राम प्रधान से बात कर लिजीए।”

जब ग्राम प्रधान राकेश कुमार सिंह से बात किया गया तो उनका कहना है कि “मेरे पास कहाँ पैसा है कि हम चारा दें।”

पूरे प्रकरण पर जब जिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में अधिकारियों से बात करके ही कुछ बता पाऊँगा।”


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