NPR के लिए अधिकारी नाम पता पूछें तो आप रंगा-बिल्ला और रेसकोर्स रोड जैसे गलत नाम पता बताएं – अरुंधति रॉय

नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय का एनपीआर पर एक विवादित बयान सामने आया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में हो रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचीं अरुंधति रॉय ने कहा कि जब आपके घर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर के लिए अधिकारी आएं और आपका नाम पता पूछें तो गलत तो आप रंगा-बिल्ला और रेसकोर्स रोड जैसे गलत नाम पता बताएं।

अरुंधति रॉय ने आगे कहा कि बहुत सारा सबवर्जन करना पड़ेगा हमें, हम सिर्फ लाठी खाने और गोली खाने के लिए नहीं पैदा हुए हैं हम और भी सोच के करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से एनपीआर का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एनआरसी देश के मुस्लिमों के खिलाफ है। अरुंधित रॉय ने कहा कि एनआरसी और डिटेंशन कैंप के मुद्दे पर सरकार झूठ बोल रही है।

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दे दी है। इसपर करीब 8500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गांव/उप शहर, उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा। पहले चरण में घर की सूची या घर संबंधी गणना होगी जो अप्रैल से सितंबर 2020 तक होगी। दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2021 में होगा। इसकी संबद्धता तिथि 1 मार्च 2021 होगी। अद्यतन आंकड़ों के डिजिटलीकरण का काम पूरा हो गया है। यह असम को छोड़कर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा।

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