प्रभु यीशु: दुनिया को एकता और भाईचारे की दी थी सीख,जानें

प्रभु यीशु ने दुनिया को कई शिक्षाएं दी। इन शिक्षाओं का पालन कर प्रभु को प्राप्त किया जा सकता है। प्रभु यीशु ने इस दुनिया को एकता और भाईचारे की सीख दी। उन्होंने क्षमा करने और क्षमा मांगने की सीख दी। उन्होंने अपने हत्यारों को भी माफ कर दिया। प्रभु यीशु ने कहा कि यह पृथ्वी और आकाश मिट जाएंगे लेकिन मेरी बातें कभी नहीं मिटेंगी। प्रभु यीशु ने कहा कि संसार की ज्योति मैं हूं, जो मेरे पीछे चलेगा वह अंधेरे में नहीं चलेगा। वह जीवन की ज्योति पाएगा।

एक बार लोग एक स्त्री को प्रभु यीशु के पास पकड़ कर लाए और कहने लगे, यह स्त्री व्यभिचार करते हुए पकड़ी गई है। ऐसी स्त्री को पत्थरों से मार डाला जाए। आप इसकी आज्ञा दें। लोगों की बात सुनकर प्रभु यीशु ने उनसे कहा, तुम सभी में से जिसने कभी कोई पाप न किया हो वही इस स्त्री को पहला पत्थर मारे। यह सुनकर लोग अवाक रह गए। कुछ देर में वहां एक भी व्यक्ति न रहा। प्रभु यीशु पापों को क्षमा करने के लिए इस संसार में आए। प्रभु ने कहा कि हत्या करना तो दूर, तुम कभी क्रोध तक न करना। शत्रुओं से प्रेम रखो और जो तुमको सताते हैं उनके लिए प्रार्थना करो। जब दान करो तो जो दाहिना हाथ दान करता है वह बायां हाथ तक न जाने। अपने लिए पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो, अपने लिए स्वर्ग में धन इकट्ठा करो। प्रभु यीशु ने कहा कि कल की चिंता न करो। कल का दिन अपनी चिंता आप कर लेगा। किसी पर दोष मत लगाओ ताकि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। प्रभु यीशु का संदेश है सदैव अपने माता-पिता के आज्ञाकारी बनो।


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