आरटीआई कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला

अबुलकैश डब्बल

चंदौली । आरटीआई कार्यकताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी नवनीत चहल से मिला और उन्हें महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि संसद का सत्र बुलाकर , सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 में एक सबक्लॉज , इस आशय का जोड़ा जाए कि यदि कोई जन सूचना अधिकारी , इस अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का जवाब नहीं देता है या भ्रामक अथवा गोलमोल उत्तर देता है तो वह जुर्माने के साथ ही दोनों में से किसी भी भांति के कारावास, जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो , दंडित होगा । साथ ही उन्होंने महामहिम से मांग की कि सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि वह अपने जनपदों के आरटीआई कार्यकर्ताओं की सूची बनाएं और उन्हें तथा उनके परिवार की समुचित सुरक्षा का प्रबंध करें। आरटीआई एक्टिविस्ट केंद्र और राज्य की सरकार के विभिन्न विभागों में आरटीआई एक्ट के तहत आवेदन डालकर इन विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाज के समक्ष प्रकाश में लाने का काम करते हैं ।आरटीआई कार्यकर्ता आरटीआई एक्ट के तहत दिए गए आवेदनों का जवाब चाहते हैं लेकिन बहुत से सरकारी विभागों के जन सूचना अधिकारी गोलमोल सूचना देते हैं या भ्रामक सूचना देते हैं और बहुत से विभागों के जन सूचना अधिकारी कोई जवाब ही नहीं देते हैं ।मैनें मांग की कि जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 को संशोधित करके जुर्माने के साथ ही 3 साल की दंड का भी प्रावधान किया जाए, ताकि भ्रष्ट अधिकारियों,भ्रष्ट राजनेताओं व भ्रष्ट ठेकेदारों में दहशत बने और वे भ्रष्टाचार से दूर रहें । साथ ही आरटीआई का आवेदन का जवाब भी मिल पाए। आरटीआई आवेदन से डरे हुए भ्रष्ट नेता व भ्रष्ट अधिकारी तथा भ्रष्ट ठेकेदार आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमला करवाते हैं, इन हमलों में अब तक देश में कई आरटीआई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गवा दी है इसलिए आरटीआई कार्यकर्ताओं का की एक सूची राष्ट्रीय स्तर पर बननी चाहिए, हर जिलाधिकारियों के पास ऐसी सूची होनी चाहिए और सरकार को चाहिए कि वे आरटीआई कार्यकर्ताओं और उनके परिवार की समुचित सुरक्षा का प्रबंध करें । कोई भी जन सूचना अधिकारी ₹25000 जुर्माना भरने को तैयार रहते हैं परंतु आरटीआई आवेदन का सही जवाब देने को तैयार नहीं रहता है। इसलिए आर टी आई एक्ट में संशोधन कर 3 साल की सजा का प्रावधान किया जाना नितांत आवश्यक है । इस अवसर पर रक्त के प्रतिनिधि मंडल में मेरे साथ महामंत्री लाल बहादुर उपाध्यक्ष संजीवन लाल रजक आदि मौजूद थे ।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!