अवैध परिवहन का खेल : डीपर का सिग्नल मिले तो समझो लाइन क्लियर, हाकिम नहीं है

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

– बाज नहीं आ रहे खनन माफिया, जारी है अवैध परिवहन

– अधिकारी भी खनन माफियाओं के आगे नजर आ रहे बेबस

– रात के अंधेरे में हो रहा है अवैध परिवहन

– बीजेपी नेता ने माना अधिकारी खनन माफियाओं के साथ मिलकर कर रहे सरकार को बदनाम करने की कर रहे हैं साजिस

– सीएम के पास है खनन विभाग, बावजूद इसके धड़ल्ले से जारी है अवैध परिवहन

सोनभद्र । निजाम चाहे किसी की भी हो मगर माफिया अपने काम को अंजाम देना बखूबी जानते है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के तीन साल बीत जाने के बाद भी अवैध खनन व परिवहन पर रोक नहीं लग सकी । “तू डाल-डाल मैं पात-पात की” कहावत की तर्ज पर अधिकारियों की मिलीभगत से हर सरकार में अपने अवैध धंधे को चलाने का रास्ता निकाल ही लेते है।
रात के अंधेरे में चल रहे इस खेल का खुलासा आज “जनपद न्यूज Live करेगा” कि कैसे रात के अंधेरे में अवैध परिवहन के खेल को अंजाम दिया जाता है –
खनन माफियाओं के डर से जहाँ अधिकारी अवैध खनन रोकने में नाकाम हैं, वहीं परिवहन माफियाओं के साथ मिलकर हर दिन सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं। शायद यही कारण है कि बलिया के विधायक को सड़क पर आकर अवैध परिवहन के खिलाफ कार्यवाही करना पड़ा। वहीं अब सोनभद्र के बीजेपी नेता भी इस अवैध खनन के खेल को रोकने के लिए कमर कस लिया है।

खनन में बढ़ते वर्चस्व व माफियाओं के हस्तक्षेप को देखते हुए विभाग को मुख्यमंत्री ने खुद अपने पास रखा है। मगर सोनभद्र में माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि उनके आगे अधिकारी खुद को बेबस पाते हैं। अधिकारी पहले ही खुलासा कर चुके हैं कि वे अवैध खनन रोकने जाते हैं तो उन्हें धमकियाँ मिलती हैं, इसलिए वो मजबूर है। उनका तो इतना तक मानना है कि यदि वे रोकने जायेगे तो वे मारे जाएंगे।

वहीं दूसरी तरफ अवैध परिवहन को रोक पाने में नाकाम अधिकारी परिवहन माफियाओं के साथ मिलकर हर दिन लाखों रुपये का चूना सरकार को लगा रहे हैं। ओवरलोड रोकने की जिम्मेदारी एआरटीओ से लेकर खनन विभाग व सेल टैक्स की है। मगर टीम गठन के बावजूद रात के अंधेरे में खनन बैरियर पर अधिकारियों की खुली छूट के कारण बेखौफ परिवहन माफिया ओवरलोड ट्रकों को पार कराते हैं।
सीएम योगी के राज में बढ़ते अवैध खनन व परिवहन को लेकर बीजेपी नेता चिंतित नजर आ रहे हैं।

बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी का कहना है कि “रात के अंधेरे में खनन बैरियर पर जिस तरह से डीपर देकर ओवर लोड ट्रकों को पार कराया जाता है, वह काफी गम्भीर है।”

टोल अधिकारी कैलाश शर्मा भी मानते हैं कि “प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियाँ ओवरलोड निकलती हैं। उनका कहना है कि अधिकारी चेकिंग पर जरूर लगे रहते हैं, बावजूद इसके ओवरलोड की गाड़ियाँ खनन बैरियर से बेखौफ निकलती हैं।”

“हालांकि इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे है।”


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