राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस : जन-जन के यह बोल, ऊर्जा है अनमोल

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । समाधान विकास समिति विपनेट क्लब के तत्वाधान में आज रानी अवंती बाई जूनियर हाई स्कूल में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता व जागरूकता गोष्ठी द्वारा किशोर पीढ़ी व इसके माध्यम से समाज में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया गया ।
वही गोष्ठी में वरिष्ठ रिसोर्स पर्सन लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया है कि हमें ऊर्जा संरक्षण का हर ओर ध्यान रखना पड़ेगा। इस अवसर पर बताया गया कि ऊर्जा का सीमित उपयोग व बचत ही ऊर्जा संरक्षण है।
जब भी भवन बनाएं उसको चारों ओर से पेड़ों व लतिकाओं से आच्छादित कर दें। ऐसा करने पर भवन कम गर्म होगा तथा कूलर व एसी का प्रयोग कम होने से ऊर्जा बचेगी। साथ ही कमरे के भीतर दीवारों पर हल्के रंग का पेंट करें, जिससे कम वाट के लैंपो से पर्याप्त प्रकाश मिल सके। गीजर के स्थान पर सोलर वाटर हीटर का प्रयोग करें, जिससे ऊर्जा के बहुत बचत होगी। यदि गीजर का प्रयोग अपरिहार्य हो तो उसे थर्मोस्टेट व टाइमर के साथ प्रयोग करेंह हमारे वैज्ञानिक ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों को तलाशने में जुटे हैं। हमें ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता लानी होगी।
ऊर्जा संरक्षण ऊर्जा उत्पादन है। और वक्ता सुरेश कुमार ने बताया है कि जब जरूरत ना हो तो विद्युत उपकरणों को बंद करें। वाहनों का प्रयोग सीमित कर ऊर्जा बचाएं तथा राष्ट्र को प्रदूषण से मुक्त रहने में सहयोग करें। पूल वाहन पद्धति अपनाएं। उन्होंने नारा दिया ऊर्जा बचाएं, बिल, प्रदूषण व गर्माहट घटाएं। श्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु मुकेश मौर्य, शुभी मौर्य को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
भूमि राजपूत, सृष्टि मौर्य, आयुष कश्यप की प्रस्तुतियां भी सराही गईं। कार्यक्रम से ऊर्जा संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों को बढ़ाबा दिया गया है।


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