एनसीसी कैडेटों के द्वारा प्लास्टिक बेस्ट मैनेजमेंट-द वे अहेड प्रकरण पर विद्यालय में सेमिनार का हुआ आयोजन

अंशु खत्री/दिलीप श्रीवास्तव (संवाददाता)

चुर्क। जय ज्योति इण्टर कॉलेज चुर्क में एनसीसी कैडेटों के द्वारा प्लास्टिक बेस्ट मैनेजमेंट-द वे अहेड प्रकरण पर विद्यालय में एक सेमिनार का आयोजन किया गया विज्ञान वर्ग की छात्रा कैडेट्स आकृति सिंह ने प्लास्टिक कचरा को जहर से कम नहीं बताया कला वर्ग की छात्रा कैडेट अदिति मौर्या ने छात्रों को प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के नियम पर विस्तृत चर्चा की तथा कैडेट प्रिंस कुशवाहा ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट यानी रंग-बिरंगे पॉलिथीन बैग टूटी फूटी प्लास्टिक की बोतलें आज भी दिखाई देती है जो बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं हैं आज यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि हमारे पर्यावरण के लिए खतरा बन गई है उपयोग में ये वस्तुएं जितनी सुविधाजनक होती हैं इनका निपटारा उतना ही कठिन होता है विद्यालय की प्रधानाचार्या अमिता पांडे ने सेमिनार में बताया कि

अधिकांशतः प्लास्टिक का जैविक क्षरण नहीं होता है यही वजह है कि आज पैदा किया गया प्लास्टिक कचरा सैकड़ों हजारों साल तक हमारे साथ बना रहेगा जो हमारे जीवन और पर्यावरण से खिलवाड़ करता रहेगा जिसकी भरपाई असंभव होगी इसके लिए हम सबको गंभीरतापूर्वक विचार करने की जरूरत है एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट अनिल यादव ने कहा कि प्लास्टिक हमारे समाज में व्यापक रूप से मौजूद है जो पर्यावरण को प्रदूषित कर मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त अध्यापक अध्यापिकाएं उपस्थित रहे।



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