पुलिस अधीक्षक ने की राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्ठी

राजीव दुबे (संवाददाता)

मीरजापुर । पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह द्वारा बुधवार को अपराह्न 15.00 बजे से पुलिस लाईन स्थित मनोरंजन कक्ष में जनपद के राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्ठी की गई तत्तपश्चात अपराध गोष्ठी व सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन में जनपद के कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गयी। अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन के आयोजन के क्रम में सर्वप्रथम जनपद के थानों व शाखाओं से आये पुलिसकर्मियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी की गयी व उनके निस्तारण के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारीगण को निर्देशित किया। दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों में प्राथमिकता के आधार पर अभियोग पंजीकृत होने के 30 दिवस के अन्दर फार्म-54 की कार्यवाही पूर्ण करने के संबंध में, चरित्र सत्यापन पासपोर्ट सत्यापन, शस्त्र लाइसेंस प्रार्थना पत्र समय सीमा के अन्दर प्रेषित किये जाने के संबंध में , आईजीआरएस एवं अन्य शिकायती प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण किये जाने के संबंध में,मा0 न्यायालय द्वारा निर्गत सम्मन, वारण्ट, बीडब्ल्यू, एनबीडब्ल्यू का शत प्रतिशत समयबद्ध तामिला कराये जाने के संबंध में, पैरोकार का काजलिस्ट रजिस्टर वर्षवार तैयार किये जाने के संबंध में, समीक्षा कर निर्देश दिये गये। पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि सीएमएस सेल द्वारा उपलब्ध कराये गये पॉक्सो एक्ट के मुकदमो की प्रभावी पैरवी सभी प्र0नि0/थानाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे तथा यह भी विशेष रुप से यह देखे कि पीड़ित का सम्मन मा0 न्यायालय से निर्गत कराकर उसका अभिकथन अंकिक कराये जाने हेतु यथोचित कार्यवाही की जाय,मुकदमों की प्रभावी पैरवी, टॉप-10, इनामिया अपराधियों पर नकेल लगाने हेतु समुचित विधिक कार्यवाही, निगरानी व चेकिंग, विवेचना निस्तारण, पुराने अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की कड़ी निगरानी व चेकिंग, गवाहो के कोर्ट में उपस्थिति को प्रत्येक दशा मे सुनिश्चित करायी जाये, जेल से छुटे अपराधियों चोरी, लूट व नकबजनी के अपराधियों के विरुद्ध प्रिवेन्टीव कार्यवाही करनें के निर्देश दिये गये ।
पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि थानों पर आने वाले फरियादियों की समस्या अवश्य सुनी जायें व उनका निस्तारण कराया जाये, साथ ही उन्होनें कहा कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों का आपस में तथा जनता के प्रति व्यवहार अच्छा हो व सभी मिलजुल कर अपराध नियन्त्रण की कार्यवाही करायें । महोदय ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित करते हुये कहा कि अपराध नियन्त्रण में जनता का सहयोग अवश्य लिया जाये, इसके लिए बीट व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन हो । इसके अलावा महोदय ने थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि जनता के बीच जायें व लोगों में विश्वास जगायें कि अपराध नियन्त्रण में पुलिस उनके साथ है और उन्हें किसी बात से डरने की आवश्यकता नहीं है । किसी घटना के सम्बन्ध में सम्बन्धित पुलिस अधिकारीगण को समय से जानकारी अवश्य दें, जिससे कि ससमय कानूनी कार्यवाही की जा सके और साथ ही सभी थाना प्रभारी अपने थानों से प्रतिदिन ड्यूटी हेतु निकलने वाले पुलिसकर्मियों को ब्रीफ अवश्य करें तथा लौटने के बाद उनसे ड्यूटी में आने वाली समस्या के बारे में जानकारी भी प्राप्त करें एवं उनकी व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में भी उनसे पूछा जाये । सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित किये गये भू-माफियाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही आवश्यक रूप से करायी जाये व गैंगेस्टर के पंजीकृत मुकदमों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराते हुये उनके विरूद्ध धारा 14(1) की कार्यवाही भी अवश्य करायी जाये तथा अवैधानिक कार्यों से अर्जित की गयी सम्पत्ति को जब्त करायें, ताकि इस प्रकार की प्रवृत्ति को प्रसारित होने से रोका जा सके । समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि समस्त थाना प्रभारीगण अपने-अपने क्षेत्र में चलने वाली पुलिस मोबाईलों, रात्रिगश्त, पैदलगश्त एवं चेकिंग में प्रभावी रूप से कार्यवाही करायें तथा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों द्वारा सक्रिय रहकर की जाने वाली कार्यवाही को पूर्ण मनोयोग, ईमानदारी व निष्ठा से निष्पादित किया जाये, जिससे कार्यवाही का बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके। इसके लिए सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानाक्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहें, मुखबिरों को भी सक्रिय रखें एवं बीट आरक्षीयों को अपने-अपने बीट में लगातार सक्रिय रहते हुये प्राप्त होने वाली सूचनाओं से उच्चाधिकारीगण को अवगत कराने हेतु निर्देशित करें। थानाक्षेत्र में लगने वाली समस्त ड्य़ूटियों की निरन्तर चेकिंग करते रहें, पुलिस मित्रों के साथ सम्पर्क बनाये रहें व बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन भी करते रहें तथा साथ ही क्षेत्र में होने वाली चोरी, लूट, छिनैती आदि की घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए निर्देशित किया गया। इस क्रम में समस्त थाना प्रभारीगण को निर्देशित किया गया कि विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी करें एवं अभिसूचना संकलित कर साक्ष्य एकत्रित करते हुये गुण-दोष के आधार पर विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें, क्योंकि विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले विवेचकों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। चोरी, वाहन चोरी एवं गुमशुदगी के अपराधों के सम्बन्ध में थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित बीट आरक्षी अपने क्षेत्र में जाकर संदिग्ध व्यक्तियों एवं अन्य व्यक्तियों के संदिग्ध हरकतों के सम्बन्ध में जानकारी कर घटना के खुलासे हेतु लाभप्रद सूचना प्राप्त करें । ग्रामीणों से पूछताछ करें, घटनास्थल का निरीक्षण करें, सम्भव है कि अपराधियों के सम्बन्ध में सुराग मिल जाये। इसी प्रकार गुमशुदा लोगों की बरामदगी के सम्बन्ध में भी इसी प्रकार की कार्यवाही अमल में लाते हुये बरामदगी करायी जाये। संदिग्धों के नम्बर सर्विलान्स पर लगाकर आवश्यक जानकारी की जाये।

उक्त गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन, क्षेत्राधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी चुनार, क्षेत्राधिकारी लालगंज, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन, जेलर जिला जेल मीरजापुर, जिला फौजदारी अधिवक्ता, प्रतिसार निरीक्षक, आरआई रेडियो, स्वाट टीम प्रभारी, अपराध शाखा प्रभारी, अग्निशमन अधिकारी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, जीआरपी व रेलवे पुलिस के अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, आबकारी विभाग सहित समस्त थाना प्रभारी व शाखा प्रभारीगण उपस्थित रहे ।


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